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क्रिकेट
का बदला चेहरा
मुंबई।
सन् दो हज़ार आठ, क्रिकेट में इंडियन प्रीमियर
लीग के रूप में एक क्रांति के लिए भी याद रखा जाएगा।
चीयरलीडर्स और सिने सितारों के ग्लैमर ने क्रिकेट मैच को तीन
घंटे का तमाशा बना दिया जिसे परंपरावादियों ने पांच दिनी खेल
का दुश्मन बताकर खारिज कर डाला। आईपीएल लोगों को इस कदर रास
आया कि शाम का समय इसी के लिए समर्पित हो गया। महिलाओं ने सास
बहू सीरियल देखना छोड़ दिया तो सिनेमाघरों में आखिरी शो खाली
पड़े रहे। ताबड़तोड़ खेल ने क्रिकेट की नई परिभाषा गढ़ी जिसमें
मनोरंजन अधिक था। आगाज मुंबई के एक पांच सितारा होटल में बीस
फरवरी 2008 को खिलाड़ियों की नीलामी के साथ हुआ था। क्रिकेटर
एडम गिलक्रिस्ट का तो कहना थाकि खिलाड़ी जानवरों की तरह खरीदे
बेचे गए।
आठ फ्रेंचाइसी टीमों ने इन्हें खरीदा जिनके मालिक
शाहरुख खान, प्रीति जिंटा जैसे सितारे और विजय माल्या तथा
मुकेश अंबानी जैसे धनकुबेर थे। टीमें बनी मुंबई इंडियंस,
कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, किंग्स इलेवन
पंजाब, बंगलुरु रायल चैलेंर्ज, डेक्कन चार्जर्स हैदराबाद,
राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली डेयरडेविल्स। इनमें सचिन तेंदुलकर
(मुंबई), सौरभ गांगुली (कोलकाता), वीरेंद्र सहवाग (दिल्ली) और
राहुल द्रविड़ (बंगलुरु) आइकन खिलाड़ी बने यानी उनकी बोली नहीं
लगी। नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने महेंद्र सिंह धोनी को
लगभग छह करोड़ रुपए में खरीदकर उन्हें सबसे महंगा क्रिकेटर बना
डाला। उनसे पीछे आस्ट्रेलियाई हरफनमौला एंड्रयू साइमंड्स थे
जिन्हें डेक्कन चार्जर्स ने 1.35 मिलियन डॉलर में खरीदा।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के दाम सिर्फ दो लाख डॉलर
लगे। मुंबई इंडियन सबसे महंगी टीम थी जिसे मुकेश अंबानी ने
119.9 मिलियन डॉलर में खरीदा जबकि विजय माल्या ने बंगलुरु की
टीम 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदी। शाहरुख खान ने कोलकाता और
प्रीति जिंटा ने नेस वाडिया के साथ पंजाब की टीम खरीदी। यह भी
अजीब इत्तेफाक है कि सिर्फ पौने सात करोड़ रुपए में खरीदी गई
सिताराहीन राजस्थान रॉयल्स की टीम ने खिताब जीता। इसका सेहरा
ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वार्न के सिर बंधा जो इसके कप्तान
और कोच दोनों थे।
खिलाड़ियों को तो मानो कुबेर का खजाना हाथ लग गया। चंद
दिनों में करोड़ों रुपए की कमाई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भारी
पड़ती दिखी। पूर्व क्रिकेटरों ने आशंका जताई कि आईपीएल के चलते
खिलाड़ी जल्दी संन्यास लेने को प्रवृत्त होंगे और राष्ट्र पर
फ्रेंचाइजी भारी पड़ जाएगी। कमाई की बात करें तो आईपीएल के
दौरान महेंद्र धोनी की प्रति घंटा खेलने से कमाई 56818 रुपए
रही जो उस समय भारत के सबसे धनी उद्योगपति मुकेश अंबानी से भी
अधिक थी। प्रश्न यह भी था कि क्या भारतीय क्रिकेट प्रेमी, क्लब
टीमों का समर्थन करेंगे जिनमें विदेशी खिलाड़ी भी थे। बहरहाल
क्रिकेट के इस नए तमाशे की शुरुआत लाजवाब रही और पहले ही मैच
में कई विश्व रिकार्ड बने। मुंबई इंडियंस के शुरूआती मैच सचिन
तेंदुलकर चोट के कारण नहीं खेल सके। राजस्थान रॉयल्स ने
करिश्माई प्रदर्शन करके सभी को चौंका दिया। वहीं वीवीएस
लक्ष्मण की कप्तानी वाली डेक्कन चार्जर्स और राहुल द्रविड़ की
बंगलुरु रॉयल्स चैलेंजर्स ने बुरी तरह निराश किया। क्रिस गेल,
सनत जयसूर्या, ब्रेंडन मैकुलम, सुरेश रैना और धोनी ने
बल्लेबाजी के जलवे दिखाए। बीस ओवरों के इस खेल में गेंदबाजों
के लिए खास गुंजाइश थी ही नहीं।
छह सप्ताह और 54 मैचों के बाद सेमीफाइनल में राजस्थान
का सामना दिल्ली से और धोनी की चेन्नई टीम का मुकाबला युवराज
सिंह के पंजाब से होना था। पहले सेमीफाइनल में राजस्थान ने
दिल्ली को 105 रन से हराया जबकि दूसरे में पंजाब नौ विकेट से
हार गया। फाइनल मैच में रोमांच की पराकाष्ठा को पार करते हुए
राजस्थान ने आखिरी गेंद पर तीन विकेट से जीत हासिल की और पहला
आईपीएल चैंपियन बना। पहले ही साल में आईपीएल ने कामयाबी की नई
दास्तान लिख डाली। हरभजन सिंह और एस श्रीसंत के बीच हुए
'थप्पड़ कांड' की गूंज भी इसकी सफलता में बाधा नहीं बन सकी।
क्रिकेटप्रेमियों ने दिल खोलकर क्रिकेट के इस लघुतम स्वरूप को
स्वीकार किया। यह बात दीगर है कि इसके दूरगामी परिणाम आने वाले
समय में ही पता चल सकें जिसमें भविष्य में टेस्ट मैचों के
दर्शक और कम होते जाएं। वैसे 50 ओवरों के क्रिकेट के उद्भव के
समय भी
इस
खतरे की आशंका जताई गई थी जो कुछ हद तक सही साबित हुई।

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