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भाजपा और सपा ने की राहुल गांधी की खिंचाई
लखनऊ।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के उत्तराधिकारी राहुल गांधी
पर संसद की उपेक्षा और राजनैतिक प्रचार लोलुपता का आरोप लगाते
हुए कहा कि जब संसद देश के सबसे बड़े जनांदोलन श्रीराम
जन्मभूमि आन्दोलन पर विचार कर रही है तब वे यूपी में अलीगढ़
मुस्लिम विद्यालय में मुस्लिम प्रधानमंत्री बनाने का झांसा
देते घूम रहे हैं। भाजपा के प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने
पार्टी मुख्यालय पर कहा कि महंगाई कांग्रेस की देन है, राहुल
गांधी महंगाई की जिम्मेदारी नहीं लेते। दलितों की गरीबी
कांग्रेसी सरकारों का परिणाम है, वे इसकी भी जिम्मेदारी नहीं
लेते। राज्य की बसपा सरकार संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का
आदर सम्मान नहीं करती इस पर केन्द्र सरकार चुप रहती है। राहुल
गांधी इस पर भी मौन रहते हैं। बसपा केन्द्र का समर्थन कर रही
है और सच तो यह है कि बदले में कांग्रेस भी राज्य की भ्रष्ट
बसपा सरकार का समर्थन कर रही है।
दीक्षित ने कहा कि संसद में लिब्राहन रिपोर्ट पर बहस हो
रही है। अयोध्या मुद्दा काफी महत्वपूर्ण है जिससे राहुल गांधी
कतरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि, भारत की
श्रद्धा है और राष्ट्रीय अपरिहार्यता है। राहुल गांधी श्रीराम
जन्मभूमि मंदिर मसले से बचकर भाग रहे हैं। कांग्रेस हमेशा ही
बुनियादी सवालों से जनता का ध्यान हटाती रही है, वह बेकार की
बातें करती है और राहुल गांधी भी वही कर रहे हैं। समाजवादी
पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी राहुल गांधी के बारे
में कहा है कि आज उन्हें यूपी की बहुत चिंता सता रही है। वे जब
तब यहां राजनीतिक पिकनिक पर आते रहते हैं और पंच सितारा होटल
में विकास की बातें करके इस बार भी हवाई उड़ान से चले गए। अब
उनका लक्ष्य युवाओं को जोड़ना रह गया है ताकि उनके बल पर वे
अपने नेतृत्व को बरकरार रख सके। कांग्रेस ने 50 वर्षो में देश
में सिर्फ समस्याएं पैदा की हैं। तबाही मचाई, सिखों का कत्लेआम
हुआ, आपरेशन ब्लू स्टार में स्वर्ण मंदिर टूटा, अयोध्या में
बाबरी मस्जिद गिराई गई। उनके नक्शे कदम पर प्रदेश की मायावती
सरकार ने लूट, वसूली और भू-भवनों पर कब्जा करो अभियान चालू रखा
है। पार्क, पत्थरों, स्मारकों के आगे सभी विकास योजनाएं ठप्प
हैं। कांग्रेस बसपा का मिला जुला राज सिर्फ बड़ी पूंजीवालों का
संरक्षक है। किसान, मजदूर, महिला, अल्पसंख्यक सब परेशान है।
उन्होंने एक बयान में कहा कि राहुल के विकास की चिंता
की नौंटंकी का असल दृश्य देखना हो तो अमेठी रायबरेली का ही
जिक्र पर्याप्त है जहां वर्षो से गांधी परिवार का ही कब्जा रहा
है। वहां लगे उद्योग बन्द हो गए हैं। सड़क, सिंचाई, परिवहन,
अस्पताल सबका बुरा हाल है। जनपद रायबरेली के थाना सरैनी के
अन्तर्गत काली गांव निवासी एक गरीब मुस्लिम महिला सुबरातिन के
पति की मृत्यु पर क्षेत्रीय कांग्रेसी विधायक की शह पर उसके
जेठ इस्लाम मोहम्मद ने जबरन कब्जा कर लिया। मार पीटकर महिला और
उसकी छोटी-छोटी बेटियों को घर से बाहर निकाल दिया। उसके लड़के
को बेगार न करने पर मारा पीटा गया और अब इस परिवार की संपत्ति
पर कब्जे के लिए जानमाल की भी धमकियां दी जा रही है। पुलिस
उसके घर में चोरी तक की रिपोर्ट नहीं लिख रही है जिसमें अनाज
का एक दाना तक नहीं बचा। इस गरीब महिला के उत्पीड़न की कहानी
सुनने वाला कांग्रेस में कोई नहीं है। यहां भ्रष्टाचार चरम पर
है और राजकोष की लूट में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, अफसर,
बसपा नेता सभी शामिल है। न्यायालय के आदेशों की धज्जियॉ उड़ाई
जा रही है और राहुल गांधी और केन्द्र सरकार इस पर चुप्पी साधे
है।
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि किसानों की लूट का मामला हो
या अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण का, समाजवादी पार्टी ही
आगे बढ़कर उनकी बेहतरी के लिए मोर्चा लेती रही है। सपा ने तो
एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनवाया जबकि कांग्रेस के 50
वर्षो में एक भी प्रधानमंत्री मुस्लिम नही बन पाया है। मुलायम
सिंह यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में गांव और खेती के लिए
सर्वाधिक बजट रखा था, उनके समय गन्ना और चीनी दोनों का रिकार्ड
उत्पादन रहा, अल्पसंख्यकों को तमाम सुविधाएं दी गई और उनको
रोटी रोजगार मुहैया कराया गया। समाज के सभी वर्गो नौजवान,
व्यापारी, महिला, वकील को राहते दी गई और शांति व्यवस्था
बरकरार रखी गई। राहुल
गांधी
को समझना चाहिए कि राजनीति सैर सपाटे के लिए नहीं, समाज के सभी
वर्गो की सुख समृद्धि लिए होती है।
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