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यूपी में जान-माल
सुरक्षित नहीं-
भाजपा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने जौनपुर लोकसभा
क्षेत्र से इण्डियन जस्टिस पार्टी के प्रत्याशी बहादुर सोनकर
की हत्या की घोर निन्दा की है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता
हृदयनारायण दीक्षित ने सम्वाददाताओं से कहा कि पुलिस प्रशासन
और आयोग से बार-बार प्राण रक्षा की गुहार करने वाले सोनकर की
हत्या से साफ हो गया है कि राज्य में घोर अराजकता है, यहां
प्रत्याशी ही मारे जा रहे हैं तो स्वतंत्र निष्पक्ष, निर्भीक
मतदान के वातावरण का सवाल ही नहीं उठता। प्रमुख सचिव गृह के
हटाए जाने से खफा मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था के मसले पर
पहले ही हाथ खड़े कर लिए थे। सरकार ने जो कहा था, वही हो गया।
राज्य के अधिकांश गैर बसपाई उम्मीदवारों की जान खतरे में है।
हत्याकाण्ड की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए और चुनाव आयोग
को कठोर निर्णय लेना चाहिए।
हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि इण्डियन जस्टिस पार्टी के
अनुसार उम्मीदवार बहादुर सोनकर को क्षेत्राधिकारी ने धमकाया
था, इसकी शिकायत डीएम, एसपी से भी की गयी थी किन्तु कोई
कार्रवाई नहीं हुई। सिद्ध हो गया है कि पुलिस प्रशासन बसपा की
कठपुतली बना हुआ है। बसपा के झूंठे दलित प्रेम की पोल भी खुल
गयी है। दलित प्रत्याशी की हत्या हो गयी तो भी सरकार लीपापोती
कर रही है। भाजपा के प्रत्याशी वरूण पर रासुका और इण्डियन
जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार की हत्या ने उप्र में जनतंत्र की
हत्या कर दी है। इस हत्याकाण्ड में सरकार ही अभियुक्त है,
हत्याकाण्ड की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। पुलिस अधिकारी
प्रथम द्रष्टया दोषी हैं उन्हें गिरफ्तार करके कड़ी पूंछताछ की
जानी चाहिए। गैर जिम्मेदार सरकार की जवाबदेही तय किए जाने की
आवश्यकता है।
विधायक को बर्खास्त करो
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने विधायक अजय राय की
बर्खास्तगी की मांग करते हुए विधानसभा में याचिका दाखिल की है।
पार्टी के प्रदेश मंत्री सुरेश श्रीवास्तव ने विधानसभा अध्यक्ष
के यहां प्रस्तुत याचिका में संविधान की 10वीं अनुसूची के अधीन
अजय राय को स्वेच्छा दल त्याग का दोषी बताया है और लिखा है कि
सपा के लोकसभा उम्मीदवार के रूप में वाराणसी से नामांकन कराने
का कृत्य स्वेच्छा दल त्याग है। इसलिए भाजपा के टिकट पर चुने
गये राय विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य हो गये हैं। प्रदेश
उपाध्यक्ष प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने सपा पर आरोप लगाया
कि भाजपा के टिकट पर चुने गये विधायक को टिकट देते समय
समाजवादी पार्टी ने विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र देने के
लिए न कहकर संविधान और सामान्य नैतिक परम्परा का भी उल्लंघन
किया है। उन्होंने यही आरोप सपा प्रत्याशी और भाजपा विधायक अयज
राय पर भी लगाया है।
दलित
रथ को अनुमति क्यों नहीं ?
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने बसपा सरकार पर चुनाव
अभियान में बाधा डालने का आरोप दोहराते हुए कहा है कि प्रदेश
सरकार पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के ‘दलित चेतना रथ’ को चलाने
की अनुमति नहीं दे रही है। पार्टी के प्रवक्ता हृदयनारायण
दीक्षित ने बताया कि दलित चेतना रथ यात्रा नई दिल्ली, जम्मू
कश्मीर, हिमांचल प्रदेश, चण्डीगढ़, हरियाणा, राजस्थान,
छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में चल रही है। चुनाव आयोग निर्देशित
औपचारिकताओं में इन राज्यों की सरकारो ने बाधा नहीं डाली।
लेकिन बसपा सरकार ने दलित चेतना रथ यूपी में नहीं निकलने देना
चाहती। प्रवक्ता ने बताया कि उप्र में चुनाव आयोग से ‘दलित
चेतना रथ यात्रा’ निकालने के लिये पार्टी ने अनुमति मांगी थी।
चुनाव आयोग ने औपचारिकता पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया था।
यात्रा के सह संयोजक मुंशीलाल गौतम ने अधिकारियों से कई बार
संपर्क किया लेकिन बसपा सरकार ने षड़यंत्र कर इससे सम्बन्धित
पत्रावली ही गायब करवा दी।
ई-मेल से आडवाणी का
प्रचार
लखनऊ। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रधानमंत्री पद
के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के व्यक्तित्व व कृतित्व को युवा
मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए Advani@Campus कार्यक्रम
बनाया गया है। इसका उद्देश्य युवा मतदाताओं से सम्पर्क करना और
उन्हें जुटाना है। आडवाणी की वेबसाइट पर देश के प्रमुख जिलो से
अनेक युवकों ने अपना नाम पंजीकृत करवाया है। इसमें आगरा से 45,
इलाहाबाद-40, गाजियाबाद-200, ग्रेटर नोएडा-50, कानपुर-50
लखनऊ-110, मेरठ-50, नोएडा-125, गोरखपुर-30, वाराणसी-50,
बरेली-25 तथा बुलन्दशहर-25 युवाओं ने वालेन्टियर के तौर पर
अपने नाम को रजिस्टर्ड करवाया है। इन युवकों को अपने साथ
जोड़ने हेतु कानपुर एवं अवध क्षेत्र की जिम्मेदारी संजीव सिंह
एवं रजत अग्रवाल को, बृज क्षेत्र की जिम्मेदारी
कुंवर सिंह निषाद को, मेरठ क्षेत्र की जिम्मेदारी तरूण त्यागी
एवं दिग्विजय सिरोही तथा काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी करूणेश
शर्मा को दी गई है।
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