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बियानी
कॉलेज में छात्राओं को 'कल्पना चावला अवार्ड'
जयपुर ।
जयपुर शहर की प्रतिभावान छात्राओं को सम्मानित करने के लिए
आयोजित कल्पना चावला मैमोरियल अवार्ड 2010 के समारोह में कॉलेज
के चेयरमैन राजीव बियानी और निदेशक डा संजय बियानी एवं कल्पना
चावला के पिता बीएल चावला ने खुले आकाश में गुब्बारे उड़ाकर
शहर की लड़कियों को भी कल्पना जैसे सपनों की उड़ान भरने के लिए
प्रेरित किया। विद्याधर नगर में बियानी गर्ल्स कॉलेज में तीन
दिवसीय कल्पना चावला मैमोरियल अवार्ड 2010 का आयोजन किया गया
था जिसमें जयपुर के विभिन्न स्कूलों के दसवीं की राजस्थान
बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत और उससे अधिक
अंक प्राप्त करने वाली 400 होनहार छात्राओं को एसबीबीजे बैंक
के प्रबंध निदेशक टीसीए रंगनाथन, कल्पना चावला के पिता बीएल
चावला, कॉलेज के चेयरमैन राजीव बियानी और डायरेक्टर डॉ संजय
बियानी ने कल्पना चावला मेमोरियल अवार्ड, प्रशस्ति पत्र और
कल्पना पत्रिका प्रदान कर सम्मानित किया।
अंतरिक्ष विज्ञान की सच्चाईयों को धरती से रू-ब-रू कराने
वाली विश्व विख्यात विज्ञानी कल्पना चावला के नाम पर पुरस्कार
पाने वाली विभिन्न स्कूलों की प्रतिभावान छात्राओं के चेहरे पर
चमक और मुस्कान के साथ 'कल्पना चावला' मेमोरियल अवार्ड मिलने
की खुशी देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम में छात्राओं को एक गजब
का उत्साह और उन्मुक्त आकाश की ओर उड़ान भरते रंग-बिरंगे
गुब्बारों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। कल्पना चावला
मेमोरियल पुरस्कार समारोह का उद्घाटन बीएल चावला, टीसीए
रंगनाथन, बियानी गर्ल्स कॉलेज के चेयरमैन राजीव बियानी और
निदेशक डॉ संजय बियानी ने सरस्वती माँ के समक्ष द्वीप
प्रज्जवलित करके किया।
इस अवसर पर 'ए सक्सेस स्टोरी ऑफ कल्पना चावला' पुस्तक का
विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान कई बार ऐसे क्षण आए जब
बीएल चावला पुरस्कार देते समय भावुक हो गए। उन्हें अपनी पुत्री
कल्पना की याद आ गई और कल्पना चावला के बचपन को कॉलेज की
छात्राओं के साथ शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि कल्पना में
अपने मकसद को पाने की इच्छा और हौसलो ने ही उसे एक मुकाम तक
पहुंचाया जिससे कि आज उसे देश भर में याद किया जाता है।
कॉलेज के निदेशक डॉ संजय बियानी ने इस मौके पर कहा कि
कल्पना चावला की दृढ़ इच्छा शक्ति ने उन्हें उस मुकाम पर पहुंचा
दिया जिस पर कल्पना ने बचपन में पहुंचने की कल्पना की थी।
उन्होंने वो मशाल का काम किया है जिसकी रोशनी से वह लाखों घर
रोशन हो रहे हैं जिनमें बालिकाएं अपने पैरों पर खड़ा होने की
महत्वकांक्षा रखती हैं, इस लौ से पूरे विश्व में भारत का नाम
रोशन होगा, हमें इसी विश्वास के साथ कदम से कदम मिलाते हुये
प्रगति की मशाल को प्रज्ज्वलित रखना है। टीसीए रंगनाथन ने कहा
कि जिस प्रकार कल्पना ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन
किया उसी प्रकार छात्राओं को तैयारी कर, कल्पना की तरह कार्य
करना होगा, तभी भारत पूरे विश्व का गुरू कहलाएगा।
समारोह में माहेश्वरी स्कूल, सेंट एंसलम, रेयान इंटरनेशनल,
स्टेप-बाई-स्टेप, सेंट सोल्ज़र पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर
स्कूल, इंडिया इंटरनेशनल स्कूल, ब्राइट लैण्ड गर्ल्स स्कूल आदि
स्कूलों की 121 छात्राओं को पुरस्कार दिया गया। बुधवार को भी
271 छात्राओं को सम्मानित किया गया। बियानी कॉलेज के चेयरमैन
राजीव बियानी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि बच्चों को
चाहिए कि वे मन लगाकर पढ़ें और पढ़ने के दौरान अपने साथी
स्टूडेन्ट्स से मेल-जोल बढ़ाएं, ऐसा करने से एक दूसरे से बहुत
सीखा जा सकता है।
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