एएमयू में शांति मगर राजनीति गर्म
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय के छात्र शाहनवाज़ की मामूली विवाद में गोली मारकर हत्या का मामला कुलपति प्रोफेसर अब्दुल अज़ीज सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के दो अन्य शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है। शाहनवाज़ के हत्यारे की गिरफ्तारी के साथ ही यह मामला तो ठंडा हो गया है लेकिन इसकी आड़ में कुलपति के विरोधी खेमे ने एएमयू परिसर को जरूर गरम बना रखा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाब-ए-सय्यद गेट पर धरना दिया है। वे छात्रसंघ का चुनाव भी चाहते हैं।

परिसर में शांति बनाए रखने के लिए विश्‍वविद्यालय प्रशासन लगा हुआ है लेकिन छात्रों को शांत करने के लिए उसे बहुत जोर लगाने पड़ रहे हैं। हालांकि एएमयू में हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन इस घटनाक्रम के दौरान जो बात देखने को मिली वह यह है कि एएमयू की राजनीति किसी दावानल से कम नही है यहां हर किसी को मुद्दों की तलाश रहती है। यह एक ऐसा विश्वविद्यालय है जिसके परिसर में पत्ता भी गिरता है तो उसका भी दुनिया में राजनीति के साथ शोर होता है। कुलपति प्रोफेसर अजीज़ के कार्यकाल में अब तक ऐसी तीन हत्याएं हो चुकी हैं।
शाहनवाज़ की हत्या रविवार की रात में उस वक्त हुई थी जब वह खाने की तलाश में एएमयू परिसर के बाहर रेलवे स्टेशन के एक होटल पर पहुंचा और वहां शराब के नशे में धुत्त एक अपराधी कल्लू खां से भिड़कर उसकी जानलेवा गोली का शिकार हो गया। यह घटना रात में ही एएमयू परिसर और अलीगढ़ में आग की तरह फैल गई और अलीगढ़ की कानून व्यवस्था पर बन आई क्योंकि एएमयू के छात्र की हत्या से क्रुद्ध छात्रों ने रेलवे स्टेशन को निशाना बना लिया। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा। छात्रों की नाराजगी का कोई तोड़ नही था और वे कुलपति एवं विश्‍वविद्यालय प्रशासन के बाकी अधिकारियों पर रह-रहकर अपना गुस्सा उतार रहे थे।

यह सिलसिला अभी तक जारी है और छात्र कुलपति के इस्तीफे की मांग पर उतर आए हैं। छात्रों का कहना है कि कुलपति से उनका अब सीधा संवाद नही रहा है क्योंकि जब यहां छात्रसंघ हुआ करता था तब छात्र प्रतिनिधि छात्रों की समस्याओं को लेकर कुलपति के संपर्क में रहते थे आज यहां पर छात्रसंघ के रूप में एक स्टूडेंट ग्रेवेंस सेल बना हुआ है जिसका कि कोई न तो वजूद है और ना ही उसकी छात्रों के बीच में कोई पैठ है। इसलिए छात्रों और कुलपति के बीच दूरियां बढ़ रही हैं।
एएमयू में एक समय छात्र राजनीति विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए खासी सरदर्द बन गई थी जिस कारण कुलपति ने छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाते हुए कड़ा अनुशासन लागू कर दिया था। इससे छात्र नेता और कुछ शिक्षक नेता और ईसी के सदस्य भी तिलमिला गए। वह दिन और आज का दिन यह गतिरोध कायम है। विश्‍वविद्यालय परिसर की शांति व्यवस्था को देखते हुए यहां कड़ी व्यवस्थाएं लागू हैं जिनमें रात के दस बजे के बाद परिसर की कैंटीन भी बंद कर दी जाती है। छात्रावासों में रह रहे छात्रों को रात में खाना खाने के लिए परिसर से बाहर जाना होता है। उनके लिए रेलवे स्टेशन के इलाके में ढाबे और होटल ही मिलते हैं इसलिए वहां पर कई बार छात्रों और अराजकतत्वों के बीच कहा-सुनी की घटनाएं भी होती रहती हैं। शाहनवाज़ की हत्या का मामला भी ऐसा ही है। एएमयू के छात्र नेताओं को मौका मिल गया है और इस मौके में ईसी के सदस्यों को भी कुलपति को निशाना बनाने का रास्ता मिल गया है।

छात्र, छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसा नही चाहता है। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ के न होने से छात्रों की समस्याएं वीसी तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रीवेंस सेल का कोई प्रभाव नही है क्योंकि इसमें कुलपति अपने छात्रों को नामित करते हैं और सेल के छात्र केवल अपना उल्लू सीधा करते हैं। छात्रों को रात में दस बजे के बाद भूख लगने के बाद परिसर के बाहर ही जाना होता है। छात्रों की मांग रही है कि जेएनयू की तरह यहां भी चौबीस घंटे की तरह कैंटीन खुले लेकिन विश्‍वविद्यालय प्रशासन सुरक्षा के हित का हवाला देकर इसे रात दस बजे के बाद बंद करवा देता है।
विश्वविद्यालय की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक समीक्षा बैठक कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विभिन्न संकायों के डीन एवं विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मपति से निर्णय लिया गया कि धरने पर बैठे छात्रों के ग्रुप से समस्या के समाधान होने तक वार्तालाप को जारी रखा जाएगा। कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने धरने पर बैठे छात्रों के ग्रुप से अपील की है कि वह जनसामान्य के जीवन में किसी प्रकार की कोई बाधा पैदा न करें। उन्होंने विश्वास जताया कि एएमयू के छात्र बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे जनसामान्य के लिए किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न हो। धरने पर बैठे छात्रों के एक छोटे ग्रुप के शैक्षणिक कार्य में व्यवधान डालने के प्रयासों के बावजूद विश्वविद्यालय के अधिकतर विभागों में कक्षायें शांतिपूर्ण वातावरण में चलीं।

भवन निर्माण पर कार्यशाला
अलीगढ़Prof. VK Parashar addressing a Programme on Short Term Courses on Low Cost Housing at University Polytechnic। राष्ट्रीय तकनीक शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान चंडीगढ़ के सहयोग से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग, यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक में कम लागत वाले भवन निर्माण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया है जो ३० अक्टूबर तक चलेगी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रोफेसर वीके पराशर ने चंडीगढ़ से आये अतिथियों का स्वागत करते हुए कम लागत वाले भवन निर्माण पर अपने विचार प्रकट किये। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के इंचार्ज अज़हर जमील ने कम लागत वाले भवन निर्माण में उपयोग होने वाली वस्तुओं पर विस्तार से बताया जिसमें मध्यम वर्ग व गरीब वर्ग के लोग भी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने ऐसे भवन निर्माण की आवश्यकताओं पर विचार प्रकट किये जिससे कि प्राकृतिक विपदा जैसे तूफान, बाढ़ व भूकम्प आदि से भवनों को सुरक्षित किया जा सके। यूएन राव व अमित गोयल ने कम्यूनिटी पॉलीटेक्निक और उसके लाभ पर विचार रखे। मोहम्मद काफी ने अतिथियों का स्वागत किया। मौहम्मद इदरीस, डा मोहम्मद शारिक व जांनिसार अख्तर ने कार्यक्रम का संचालन किया।

 

कुलपति की शांति बनाए रखने की अपील

अलीगढ़Members of the University Community present at the Condolence Meeting of Shahnawaz Alam एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने विश्वविद्यालय के बीएससी तृतीय वर्ष (कैमिस्ट्री) के छात्र शाहनवाज आलम की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह क्षण संपूर्ण विश्वविद्यालय बिरादरी के लिए एक दुखद घटना है। उन्होंने इस शोक की घड़ी में परिसर में शांति बनाये रखने के लिए सभी से अपील की है। कुलपति ने कहा कि शोक की घड़ी में सभी को अपनी जिम्मेदारी एवं परिपक्वता का सबूत देते हुए न केवल अपने पर नियंत्रण रखना चाहिए बल्कि इस बात को भी सुनिश्चित करना चाहिए कि शरारती तत्व इन परिस्थितियों का अनुचित लाभ उठाकर परिसर के शांतिपूर्ण माहौल को भंग करने में कामयाब न हों।
प्रोफेसर अजीज ने कहा है कि इस समय परीक्षायें निकट आ रही हैं और छात्रों का एक बड़ा वर्ग अपनी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा हुआ है। परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों में थोड़ा सा भी व्यवधान न केवल छात्रों के लिए हानिकारक होगा बल्कि उसका उनके भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने इस दुख की घड़ी में सभी से अपने ऊपर नियंत्रण रखने की अपील करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में पूर्णतया शांति बनाये रखने का आव्हान किया है ताकि विभिन्न गतिविधियों में किसी प्रकार का व्यवधान पैदा न हो। उन्होंने कहा कि वह निरन्तर जिला प्रशासन के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मासूम छात्र के हत्यारे को गिरफतार कर लिया है और छात्र के शव को उसके गृहनगर में उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है। एनआरएससी हाल के प्रवोस्ट प्रोफेसर अशोक मित्तल के साथ शिक्षकों एवं छात्रों का एक दल छात्र के आवास पर दुख प्रकट करने के लिए गया है। कुलपति ने कहा है कि शाहनवाज आलम की मृत्यु के दृष्टिगत विज्ञान संकाय में शैक्षणिक गतिविधियां तथा कक्षायें बंद कर दी गईं ताकि छात्र एवं शिक्षक शोकसभा में भाग ले सकें।
विश्वविद्यालय के सभी संकायों के डीन, प्रवोस्ट, वार्डन्स, प्रशासनिक अधिकारियों, ईसी के स्थानीय सदस्यों, कालिजों एंव पॉलीटेक्निकों के प्राचार्यो तथा वरिष्ठ शिक्षकों की शोक सभा में भी शाहनवाज आलम की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। शोक सभा में एक प्रस्ताव पारित कर उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया। यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एंव छात्रों से चंदा एकत्रित कर उस राशि को छात्र के परिवार को भेजा जाएगा। शोक सभा में रजिस्ट्रार प्रो वीके अब्दुल जलील, कंट्रोलर प्रो परवेज़ मुस्तजाब, डीएसडब्ल्यू प्रो एम जु़बैर खान एवं प्रॉक्टर प्रो मुजफ्फर ए सिद्दीकी के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी मौजूद थे।

 

दांतों की सुरक्षा पर व्याख्यानमाला

अलीगढ़। एएमयू के डा जेडए डेन्टल कॉलेज में छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोफेसर एपी टिक्कू ने कॉलेज की प्रसार व्याख्यानमाला के अन्तर्गत एन्डोडोन्टिक, आर्थोडोंटिक सम्बन्धों पर आधारित दांतों के इलाज में कार्यविधि पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रोफेसर एपी टिक्कू ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कब और कैसे खराब दांतों का रूट कैनाल थेरेपी से उचित इलाज किया जाए।
प्रोफेसर एपी टिक्कू का स्वागत करते हुए डा जेडए डेन्टल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएच हाशमी ने प्रसार व्याख्यानों एंव दंत चिकित्सा से सम्बन्धित कार्यक्रमों के विभिन्न दंत कालिजों के बीच आदान-प्रदान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे भविष्य में दंत चिकित्सकों के ज्ञान में वृद्धि होगी। डा एसके मिश्रा ने अतिथि भाषणकर्ता का परिचय देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को कार्यो के बारे में विस्तार से बताया।
प्रसार व्याख्यानमाला के आयोजक औरकन्जरवेटिव डेंन्ट्रिस्टी एण्ड एन्डोडोन्टिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आरके तिवारी ने कहा कि वर्तमान युग आपसी स्पर्धा का युग है और जन सामान्य दंत चिकित्सक से बहुत अधिक अपेक्षा रखता है, अतः दंत चिकित्सकों को इस क्षेत्र में हो रहे नवीन अनुसन्धानों से अवगत होना चाहिए। कार्यक्रम में कॉलेज के स्नातकों औरस्नातकोत्तर छात्रों के अलावा बड़ी सख्या में विभाग के शिक्षकों ने भाग लिया।

फाइन आर्ट्स की प्रदर्शनी
अलीगढ़SSP Asim Arun watching the Painting Exhibition organised by GEC, AMU। एएमयू में प्रतिभा की कमी नहीं है, यदि इन प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का मौका मिले तो ये देश ही नहीं बल्कि विश्व में भी अपना नाम रौशन कर सकते हैं। यह बात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक असीम अरूण ने फाइन आर्ट और म्यूजियोलॉजी विभाग के छात्रों की कला प्रदर्शनी का कैनेडी हाल में उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कला को निखारने के लिए परिसर में शान्तिपूर्ण शैक्षणिक माहौल आवश्यक है।
मंगलायतन विश्वविद्यालय की फाइन आर्टस विभाग की अध्यक्ष डा चित्रलेखा सिंह ने प्रदर्शनी को सराहा और छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाया। जीईसी के समन्वयक डा शकील समदानी ने इस तरह के आयोजन को सराहा और कहा कि सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों के लिये कैनेडी हाल परिसर के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।
इस अवसर पर एएमयू फाइन आर्ट्स की अध्यक्ष डा मधुरानी, डा रेहाना खुसरो, डा वसीम वानी, प्रोफेसर आफ़ाक रिज़वी, दीपक कुलश्रेष्ठ व भारत भूषण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और छात्राएं मौजूद थीं। कला प्रदर्शनी में सरफराजुल हक, निगहत इमाम, इफ्तिखार आलम अंसारी, नोवो कुमार रॉय, विशाल गुलाटी, अनीरूल इस्लाम, कबीर अमरोही, ग़ज़ाला ने अपनी कला कृतियां प्रदर्शित कीं।

प्रोफेसर गौड़ सोसाइटी के अध्यक्ष
अलीगढ़Prof. R.K. Gaur newly appointed President of Indian Psychiatric Society। जवाहरलाल नेहरू मेडीकल कालिज के मानसिक रोग विभाग के प्रोफेसर आरके गौड़ को सर्वसम्मति से इन्डियन साइकियाट्रिक सोसाइटी, सेन्ट्रल ज़ोन का अध्यक्ष चुना गया। सेन्ट्रल ज़ोन के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ आते हैं। प्रोफेसर आरके गौड़ ने अध्यक्ष पद का कार्यभार इन्डियन साइकियाट्रिक सोसाइटी, सेन्ट्रल ज़ौन के इकत्तीसवें वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर ओरछा (झांसी) में ग्रहण किया। प्रोफेसर आरके गौड़ मेडीसिन संकाय के वरिष्ठ मनोचिकित्सक हैं। वे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और गोष्ठियों में भाग लेते रहे हैं। इनके अनेक शोध-पत्र राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

 

'एएमयू दूसरा ताजमहल'

अलीगढ़L to R - Prof. Ebraheem, Mr. Shujatullah Khan and Prof. Ashok Mittal at a NRSC Functionभारत में सऊदी अरब के दूतावास में कल्चरल अटैची प्रोफेसर इब्राहीम मुहम्मद अलबस्तान ने कहा कि भारत में एक नहीं दो ताजमहल हैं और दूसरे ताजमहल का नाम है अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जहां से निरंतर शिक्षा की धारा प्रवाह हो रही है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में रहते समय उनका यही सपना था कि वह ताजमहल और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दर्शन करें। एएमयू को देखने का सपना उनका साकार हो गया है।
प्रोफेसर अलबस्तान ने कहा कि एएमयू और सऊदी अरब के आरंभ से ही मजबूत संबंध रहे हैं और सऊदी अरब में लड़कियों के लिए एएमयू चांसलर बेगम सुल्तान जहां ने पहला स्कूल स्थापित किया है। प्रोफेसर इब्राहीम मुहम्मद अलबस्तान ने अपने उद्गार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एनआरएससी हाल में आयोजित सर सैयद दिवस समारोह में मानद अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

इस मौके पर सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और मुख्य अतिथि शुजातउल्लाह खॉ ने भी छात्रों को कठिन परिश्रम करने की सलाह दी और एएमयू से जुड़े अपने संस्मरणों को सुनाया। एनआरएससी हाल के प्रवोस्ट प्रोफेसर ओक मित्तल ने मेहमानों का स्वागत किया। वार्डन्स डा आज़म, डा वारिसउल्लाह, डा डीके पांडे, प्रेसीडेंट डा अराद, सीनियर हाल मुहम्मद नैयर रहमान, पूर्व सीनियर हाल सदाकत अली व वालंटियर्स नदीम उमर, अतहर, अब्दुल्लाह भी इस अवसर पर मौजूद थे।

छात्रों को शोध के लिए अनुमति दी गई
अलीगढ़एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने सोशल साइंस, जीव विज्ञान, मैंनेजमेंट और थियोलॉजी संकायों की सीएसएआर की मीटिंग में कहा है कि विभागों में शोध की सुविधाओं का अधिक से अधिक बेहतर इस्तेमाल करने के लिए उन छात्रों को अवसर दिया जाना चाहिए जिनमें शोध की इच्छा है और जिनका शैक्षिक रिकार्ड भी बेहतर हो। इसी के साथ विभागों को वहां शोध की उपलब्ध सुविधाओं को भी ध्यान में रख कर शोधार्थियों को प्रवेश देना चाहिए।
सीएसएआर की बैठक में सभी इस बात पर सहमत थे कि प्रत्येक प्रोफेसर के पास पांच शोध छात्र, रीडर-असिस्टेंट प्रोफेसर के पास चार और लेक्चरर के पास तीन शोध छात्र हों। उपयुक्त शोध छात्रों को भी भविष्य में प्रवेश दिए जाने के लिए 1/3 जगहों को खाली रखा जाए।
सीएसएआर ने मैंनेजमेंट संकाय में वर्तमान सत्र में पीएचडी में 17 छात्रों को प्रवेश देने की संस्तुति की जिनमें एक विदेशी छात्र भी है। थियोलॉजी संकाय में पीएचडी कार्यक्रम के दस छात्रों को अनुमति दी गई, इंजीनियरिंग संकाय में कुल 28 छात्रों को अनुमति दी गई जिसमें एप्लाइड मैथमैटिक्स, एप्लाइड कैमिस्ट्री, एप्लाइड फिजिक्स, सिविल, मकैनिकल, इलैक्ट्रीकल और कैमीकल इंजीनियरिंग शामिल हैं। एग्रीकल्चर साइंस संकाय के एमफिल और पीएचडी कार्यक्रमों के लिए कुल दस छात्रों को अनुमति दी गई।
सोशल साइंस और लाइफ साइंस संकाय के लिए सीएसएआर की बैठक को इसलिए स्थगित कर दिया गया कि इन विभागों की सूचनायें अपूर्ण थीं। कुलपति ने इन संकायों के डीनों को निर्देश दिया कि वे पूर्ण सूचनायें उपलब्ध करायें जैसे तैयार की गई मैरिट लिस्ट, विभाग के प्रत्येक शिक्षक के शोध छात्रों का सम्पूर्ण ब्यौरा, उनके प्रवेश के वर्ष और वर्तमान सत्र में खाली उपलब्ध जगह आदि।
कुलपति ने विभागों के अध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया कि वे यह प्रमाण दें कि उनके विभाग में स्थान, विशेषज्ञता, प्रयोगशालाएं और अन्य सुविधाएं एमफिल-पीएचडी कार्यक्रमों के छात्रों के अनुरूप उपलब्ध हैं। ताकि युवा शोधार्थियों को प्रवेश के बाद अपने शोध में किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभागों के शोध के विषयों में भी सीएसएआर ने छोटे बड़े बदलाव किये हैं।

सर सैयद व्यक्तित्व नहीं बल्कि एक आंदोलन !
अलीगढ़L to R -Dr. Shamsul Hayat, Dr. Shakeel Samdani, Prof. AR Kidwai, Prof. Saud Alam Qasmi and Dr. Mohibul Haque at a function of Short Evening Cources at GEC। एएमयू के जनरल एजूकेशन सेंटर के शार्ट इवनिंग क्लब ने सर सैयद की स्मृति में एक सिम्पोजियम का आयोजन '21 वीं सदी में अलीगढ़ और उसकी प्रासंगिकता' विषय पर किया जिसमे मुख्य भाषण में एकेडमिक स्टाफ कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर एआर किदवई ने उन पांच कारणों का उल्लेख किया जो सर सैयद के समय से प्रासंगिकता का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि सर सैयद के सामने भविष्य एकदम साफ था। उन्होंने हर आने वाली सूरतेहाल का जायजा वर्तमान हालात से लेकर आने वाली शताब्दी को महसूस कर लिया था और उसकी आवश्यकता से परिचित हो चुके थे। प्रोफेसर किदवई ने सर सैयद की किताब असबाबे बगावते हिंद और आसारउस सनादीद का हवाला देते हुए उनके लेखन की प्रतिभा का भी ज़िक्र किया।
दीनियात संकाय के डीन प्रोफेसर सऊद आलम कासमी ने कहा कि सर सैयद का शैक्षणिक दृष्टिकोण सांस्कृतिक और परिश्रम पर आधारित था। उन्होंने यह भी कहा कि सर सैयद व्यक्तित्व का नहीं बल्कि एक आंदोलन का नाम है। राजनीतिक योजना का हवाला देते हुए प्रोफेसर कासमी ने कहा कि विजय पर काबू पाने के लिए विजय का हुनर प्राप्त करना आवश्यक है। यह वह कार्य था जो सर सैयद ने ब्रिटिश साम्राज्य पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए किया था।
जीईसी समन्वयक डा शकील समदानी ने छात्रों का आव्हान किया कि वह सर सैयद के बताये मार्ग पर चलकर अलीगढ़ आंदोलन को शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आज हमारी कौम के लोग सर सैयद के संदेश को भूल गये हैं और उनके दिखाये रास्ते से भटक गये हैं, जिसका नतीजा यह हुआ है कि कौम के लोग बदहाली और पिछड़ापन का शिकार हो गये हैं। डा समदानी ने अपनी कौ़म के लोगों से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि वह यहां से शिक्षा प्राप्त करने के बाद पूरे देश में उच्च दर्जे के शैक्षणिक संस्थान स्थापित करें और जहां भी अत्याचार और नाइंसाफी देखें उसे रोकने की कोशिश करें।
इस अवसर पर राजनीति विज्ञान के डा मोहिबुल हक ने सर सैयद के राजनीतिक कार्यो पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सर सैयद कौम को राजनीति से दूर रखना चाहते थे और अपनी कौम को राजनीतिज्ञों का लीडर बनाना चाहते थे। शार्ट इवनिंग कोर्सेज के अध्यक्ष डा शमशुल हयात उपस्थितजनों का स्वागत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंसूर इलाही, असजद हुसैन, मुहम्मद ख़ैरूज्जमा और अब्दुल्ला मसूद फारूकी का सक्रिय योगदान रहा।

नेट परीक्षा उत्तीर्ण की
अलीगढ़। एएमयू के भू-गर्भ विज्ञान विभाग के पांच छात्रों ने जेआरएफ एण्ड यूजीसी सीएसआईआर नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। भू-गर्भ विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा लियाकत अली खान ने बताया है कि मलिक जुबैर अहमद, मिस सदफ फातमा और कामरान ने जेआरएफ परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जबकि मिस सायमा जमाल व बुलबुल मंडल ने नेट की परीक्षा में कामयाबी हासिल की है।

एएमयू परिसर में यातायात पर सख़्ती
अलीगढ़। एएमयू परिसर में तेज गति और गलत तरीके से दो पहिया वाहन चलाने वालों की लगातार शिकायतें मिलने से आजिज़ प्राक्टर कार्यालय ने परिसर में वाहन चलाने के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किये हैं। प्राक्टर प्रोफेसर मुजफ्फर ए सिद्दीकी ने मोटर साइकिल, स्कूटर चालको और अन्य चालकों से भी कहा है कि वे परिसर में 3 किलो मीटर प्रति घंटा की गति से अधिक वाहन न चलाएं, दुपहिया वाहन पर तीन सवारियां न बैठाएं और ड्राइविंग लाइसेंस अपने पास रखें। निर्देशो का पालन न करने वालों पर एक हजार रूपये जुर्माना हो सकता है और वाहन को अधिग्रहीत कर मामला पुलिस के सुपुर्द भी किया जा सकता है। प्रोफेसर सिद्दीकी ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में तेज गति और गलत तरीके से दुपहिया वाहन चलाने की शिकायतें ज्यादा बढ़ गई हैं। लोगों को चोटे आती हैं और कभी-कभी यह चोट मृत्यु का कारण भी बन जाती है। उन्होंने बताया कि कई घटनाओं में उन लोगों को वाहन चलाते हुए पाया गया जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।

म्यूजियम क्यूरेटर अजीज अहमद के निधन पर शोक
अलीगढ़। एएमयू के बॉटनी विभाग में म्यूजियम क्यूरेटर अजीज अहमद के निधन पर शोक सभा हुई। सन् 1962 में बुलंदार के जरगवां गांव में जन्में अजीज अहमद ने अपने कैरियर की शुरूआत सीनियर लैब असिस्टेंट के रूप में की बाद में वह हरबेरियम म्यूजियम क्यूरेटर के पद पर नियुक्त हुए। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आरिफ इनाम ने उनके कार्यो की चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें म्यूजियम के रख रखाव की बहुत जानकारी थी। पिछले 27 वर्ष में उन्होंने मेहनत और लगन के साथ अपने कार्य को अंजाम दिया। वह टीचिंग,नाज टीचिंग और छात्रों में बहुत लोकप्रिय थे। शोक सभा में दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतृप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई।

बेगम अख्तर ग़ज़ल एवार्ड शहरयार को
अलीगढ़। इस वर्ष का बेगम अख्तर ग़ज़ल एवार्ड प्रख्यात शायर प्रोफेसर शहरयार को प्रदान किया जाएगा। उन्हें यह पुरस्कार 30 अक्टूबर को पुणे में होने वाले समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल प्रदान करेंगे। इसकी घोषणा बेगम अख्तर गज़ल एकाडमी दिल्ली ने की है। बेगम अख्तर गज़ल एवार्ड प्रत्येक वर्ष किसी शायर या कलाकार को उसके उल्लेखनीय योगदान पर प्रदान किया जाता है। इस वर्ष यह पुरस्कार प्रोफेसर शहरयार को देने की घोषणा की गई। गत वर्ष यह पुरस्कार पाकिस्तान के मशहूर शायर अहमद फ़राज़ को प्रदान किया गया था। इस एवार्ड का गठन 1994 में किया गया था।
 

छात्र चरित्र निर्माण पर भी ध्यान दें-ब्रिगेडियर शफी

अलीगढ़Retired  Brigadier Iqbal M. Shafi of Pakistan At AMUएएमयू के एसटीएस हाईस्कूल की स्थापना की 134 वीं वर्षगांठ और भवन निर्माण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्कूल में आयोजित दो दिवसीय समारोह संपन्न हो गया। समारोह में स्कूल के पूर्व छात्रों ने भविष्य की चुनौतियों के संदर्भ में अपनी प्रशिक्षण संस्था की प्रगति में भूमिका पर चर्चा की और स्कूल के छात्रों और अभिभावकों से संवाद स्थापित किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार भी प्रदान किये गये।
समापन
समारोह के मुख्य अतिथि पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी और एसटीएस हाईस्कूल के पूर्व छात्र ब्रिगेडियर इकबाल एम शफी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि छात्रों के चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि इन्हीं छात्रों में से भविष्य के सर सैयद, अल्लामा इकबाल और गांधीजी जैसे लीडर पैदा होंगे। ब्रिगेडियर शफी ने कहा कि पाकिस्तान में भी एएमयू की तर्ज पर इस्लामाबाद में सर सैयद विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है जो एक-दो वर्ष के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने पाकिस्तान में सर सैयद के नाम पर शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यो का भी उल्लेख किया।
कुलपति
प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने कहा कि उनका यह प्रयास है कि एएमयू के समस्त स्कूल राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्कूलों की पंक्ति में शामिल हों और यहां के स्कूलों के छात्र आईआईटी के अलावा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि परिसर में शांति और शैक्षणिक माहौल के चलते प्लस टू के 60 से अधिक छात्रों ने आईआईटी में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की है जो कि एक अच्छी शुरूआत है। कुलपति ने कहा कि उन्होंने स्कूलों की जिम्मेदारी पूरी तरह शिक्षकों के हवाले कर दी है, अब यह शिक्षकों का दायित्व है कि वह छात्रों को अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाने के लिए कड़ी मेहनत करें।
रजिस्ट्रार
और स्कूलों के मैनेजर प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने पूर्व छात्रों से आव्हान किया कि वह स्कूल भवन के जीर्णोद्धार में अपना योगदान दें। उन्होने इस कार्यक्रम की कामयाबी के लिए स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी। स्कूल के प्रिंसिपल फैसल नफीस ने दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान तैयार किये गये प्रस्ताव को पढ़कर सुनाया जिसका सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया। प्रस्ताव पर अनेक पूर्व छात्रों, शिक्षकों और वर्तमान छात्रों ने सुझाव भी दिये। उपस्थितजनों का स्वागत डा आरबी खान ने किया गया और संचालन सीमा रऊफ़ खान ने किया।
विभिन्न
प्रतियोगिताओं में विजयी छात्रों को ब्रिगेडियर इकबाल एम शफी, कुलपति प्रोफेसर अजीज और रजिस्ट्रार प्रोफेसर जलील ने पुरस्कार प्रदान किये। साइंस क्विज़ में प्रथम पुरस्कारएसटीएस हाईस्कूल के उमर अफरोज, स्पॉट आर्ट कंपटीशन में गर्ल्स हाईस्कूल की हिरा उस्मान खान, ग्रुप बी में एटीएमपीएस के शाह जमाल, वालीबाल में विजेता का एसटीएस हाईस्कूल, बास्केटबाल में एसटीएस हाई स्कूल, टेबिल टेनिस में एसटीएस हाईस्कूल, इंटर स्कूल क्विज़ में शहरयार खलीक अहमद व वसीम अकरम, निबंध लेखन में मास्टर उमर गाजी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
इससे
पूर्व संस्था के विकास में पूर्व छात्रों का योगदान और भविष्य की चुनौतियां विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। आर्थोपेडिक सर्जन प्रोफेसर खालिद शेरवानी ने मुख्य भाषण देते हुए कहा कि पूर्व छात्र स्कूल को बेहतर बनाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि एसटीएस हाईस्कूल के शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए इससे ताल्लुक और धन दोनों की आवश्यकता है। उन्होंने अपनी ओर से दस हजार रूपये की राशि स्कूल कोष में दी। प्रोफेसर इशरत हुसैन फारूकी ने कहा कि धन से ज्यादा शिक्षा को महत्व देने की आवश्यकता है। प्रोफेसर ख्वाजा शमीम अहमद ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्था की जान पढ़ने और पढ़ाने वालों के आपसी संबंधों पर निर्भर करती है। आवश्यकता इस बात की है कि अलीगढ़ से ‍िशक्षा प्राप्त कर छात्र पूरे देश में फैल जाएं और तालीम का चिराग रोशन करें। प्रोफेसर एआर किदवई ने कहा कि मानव संसाधन विकास का सबसे अहम अंग है, जिसके लिए शिक्षक और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि छात्रों को तैयार किया जाए। उन्होने कहा कि ई-लर्निंग, लैंग्वेज, कम्पयूटर लैब और र्स्माट क्लास रूम बनाने की जरूरत है। उन्होंने स्कूल के विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का मावरा दिया।
कार्यक्रम
की अध्यक्षता करते हुए जेएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आरफ मलिक ने भी सुझावों के बारे में अपनी राय व्यक्त की। एसटीएस हाईस्कूल के प्राचार्य फैसल नफीस ने कहा कि स्कूल में संसाधनों के विस्तार के लिए 18 करोड़ रूपये की राशि की आवश्यकता है। इस अवसर पर कंट्रोलर प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर एम जुबैर खान और वित्त अधिकारी यासमीन जलाल भी मौजूद थीं।

 

संविधान पूरे कानून की मॉ है-जस्टिस अहमदी

अलीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एएमयू चांसलर जस्टिस एएम अहमदी ने कहा है कि कानून से जुड़े पेशे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसके प्राथमिक और बुनियादी उसूलों को जानना अति आवयक है। यह पेशा दुनियां के सर्वश्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है। इसमे कामयाब होने के लिए कड़े परिश्रम और लगन की आवश्यकता है। जस्टिस अहमदी ने यह बात एएमयू में विधि संकाय में मूटकोर्ट भवन की आधारशिला रखते समय कही। उन्होंने कहा कि संविधान पूरे कानून की मॉ है इसलिए संविधान को बहुत गहराई से समझना चाहिए। जस्टिस अहमदी ने छात्रों से कहा कि वह साहित्य का अध्ययन करें क्योंकि इसके बिना वह अच्छे वकील या न्यायाधीश नहीं बन सकते।
कुलपति
प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने इस मौके पर कहा कि एएमयू के विधि संकाय को विश्वस्तरीय बनाने की कोशिश की जाएगी और इस सिलसिले में उन्होंने अमेरिका की कई लॉ यूनिवर्सिटीज़ वि‍शेषकर वाशिंगटन लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी से संपर्क बना रखा है, शीघ्र ही दोनों विश्वविद्यालयों के बीच परस्पर सहयोग का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रतिदिन मूटकोर्ट की प्रेक्टिस करनी चाहिए ताकि यहां से निकलने के बाद वह सीधे हाई कोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू कर सकें।
विधि
संकाय के डीन प्रोफेसर आईए खान ने कहा कि मूटकोर्ट भवन के निर्माण होने के बाद छात्रों की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार होगा और उनमें वाद-विवाद की क्षमता बढ़ेगी। लॉ सोसाइटी के इंचार्ज और विधि विभाग में वरिष्ठ रीडर डा शकील समदानी ने कहा कि जस्टिस अहमदी ने मूटकोर्ट भवन की आधारशिला रखकर और विधि संकाय में आकर विधि संकाय का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने जस्टिस अहमदी के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि यदि उन जैसे विद्वान जज भारत में होते रहे तो लोगों का न्याय पर भरोसा बढ़ जाएगा। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर अजीज द्वारा दी गई धनराशि के लिए आभार जताया। अंत में वरिष्ठ प्रोफेसर एम शब्बीर ने आभार व्यक्त किया।

आसिफ-परवीन की चित्रकला
अलीगढ़।
एएमयू के एसटीएस हाईस्कूल (मिन्टोसर्किल) के 134 वें और उसके भवन के 100 वें स्थापना दिवस पर बनारस के दो चित्रकारों आसिफ अहमद खॉ और उनकी पत्नी डा परवीन सुल्ताना जो कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध बसंता कालेज फॉर वीमेन्स (राजधार) वाराणसी में वरिष्ठ प्रवक्ता हैं ने अपनी चित्र प्रदर्शनी लगाई। आसिफ अहमद खॉ और डा परवीन सुल्ताना दोनों ही एएमयू के पूर्व छात्र-छात्रा भी हैं। दोनों चित्रकारों ने एसटीएस हाईस्कूल के ऐतिहासिक भवन को विभिन्न कोंणों से अपने चित्रों में एकेलिक माध्यम से उकेरा साथ ही अपने मौलिक चित्रों को भी अमूर्त शैली में चित्रकला प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन एएमयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, प्रिंसिपल (एसटीएस हाई स्कूल), प्रिंसिपल (सिटी हाईस्कूल) और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। प्रदर्शनी में बनारस के कुछ घाटों से संबंधित और एसटीएस हाईस्कूल (मिन्टोसर्किल) के एकेलिक माध्यम में चित्रित चित्र प्रशंसा के केंद्र बिन्दू रहे।

आईएएस-पीसीएस की कोचिंग
अलीगढ़।
डा भीमराव अंबेडकर आईएएस-पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र अलीगढ़ के प्रभारी कोर्स समन्वयक रिंकू सिंह राही ने बताया है कि प्रशिक्षण केंद्र में चयन हेतु आवेदन-पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि 30 अक्टूबर कर दी गयी है। प्रवेश परीक्षा 1 नवम्बर को नौरंगीलाल राजकीय इंटर कालेज अलीगढ़ में प्रातः10 बजे से आयेजित की जायेगी। प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र में (जनरल स्टडीज) सामान्य अध्ययन के बहुविकल्पीय प्रश्न और 300 शब्दों का एक निबन्ध होगा। कोर्स समन्वयक ने प्रवेश परीक्षा के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि सिविल सर्विसेज हेतु पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश प्राप्त करने हेतु वॉछित आवेदन-पत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय या मुकुन्दपुर प्रशिक्षण केंद्र के कार्यालय से प्राप्त किये जा सकते हैं या इंटरनेट से भी डाउनलोड किये जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे गये आवेदन-पत्र वॉछित अभिलेखों और प्रमाण पत्रों सहित जिला समाज कल्याण अधिकारी अलीगढ़ के कार्यालय और मुकुन्दपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र के कार्यालय में सीधे जमा किये जा सकते हैं। स्पीड पोस्ट से भेजने की निर्धारित अन्तिम तिथि 30 अक्टूबर तक है।

 

एएमयू के छात्र नोबेल के योग्य बनें-फारूक अब्दुल्ला

अलीगढ़Union Minister Dr. Farooq Abdullah at AMU। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डा फारूक अब्दुल्ला ने घोषणा की है कि नवीकरणीय ऊर्जा का एक केंद्र अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी स्थापित किया जायेगा। फारूक अब्दुल्ला कहा कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिये एक मिशन शुरू किया जा रहा है ताकि सन् 2020 तक बीस हजार मैगावाट सौर ऊर्जा प्राप्त हो सके। डा फारूक अब्दुल्ला सर सैयद अहमद खॉ के 192 वें जन्मशती समारोह के अवसर पर एएमयू में स्मृति समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर सैयद अहमद खॉ ने शिक्षा को राष्ट्र के विकास का मूल आधार मानकर कार्य किया।
उन्होंने सर सैयद को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि सहिष्णुता और साम्प्रदायिक सौहार्द को बढ़ाने में सर सैयद का योगदान भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि उन्होंने इस संस्था के द्वार सभी धर्मो, वर्गो और सम्प्रदाय के लिये खुले रखे। केन्द्रीय मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वह सिर्फ अपने भविष्य की चिन्ता ही न करें बल्कि आधुनिक भारत के निर्माण की भी चिन्ता करें ताकि राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके। उन्होंने कहा कि इस संस्था में ऐसे छात्र पैदा हों जो नोबल पुरस्कार के योग्य हों। छात्रों को अपनी मंजिल स्वंय तय करनी चाहिये मगर जोश के साथ होश की भी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आज हमारी शिक्षा संस्थाएं रोजगार उपलब्ध कराने की फैक्ट्रियां बनती जा रही हैं यहां मानवीय मूल्यों को बढ़ाना हमारा भी परम दायित्व होना चाहिये ताकि देश में अच्छे नागरिक पैदा हों। हमें अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन को सफल बनाने के लिये कठोर परिश्रम करना होगा और नये रास्तों को खोजना होगा और ऐसे पाठ्यक्रमों को लागू करना होगा जो समय की जरूरतों को पूरा करते हों।
डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यूरोपीय यूनियन की तरह सार्क देशों की बुनियाद को मजबूत करना होगा और भारत-पाकिस्तान के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत बनाना होगा। भारत, पाकिस्तान से सम्बन्धों को सुधारना चाहता है।
उन्होंने विवि प्रशासन से आग्रह किया कि उनके पुत्र उमर अब्दुल्ला को यहॉ आमंत्रित किया जाए ताकि वह यहां के छात्रों से विचार विमर्श कर सके। स्मृति समारोह में देश और विदेश से पधारे अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने कहा कि सर सैयद अहमद खॉ ने ऐतिहासिक कार्य किये जिनमें उन्होंने वैज्ञानिक चिंतन को बढ़ावा देने के लिये सांइटिफिक सोसायटी और इंस्टीटयूट गजट शुरू किया और आधुनिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिये एक कालिज की स्थापना की।
कुलपति ने कहा कि इस संस्था का पुर्नरूत्थान किया जा रहा है। ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में विकास कार्यो के लिये १८५ करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं। मेडीकल कालिज के उच्चीकरण के लिये डेढ़ सौ करोड़ रूपए और दो नये विशेष केन्द्रों की स्थापना के लिये पचास करोड़ रूपये प्राप्त हुए है। चौदह करोड़ की लागत से यहां सिविल सर्विस कोचिंग अकादमी की स्थापना का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जायेगा। प्रोफेसर अजीज ने कहा कि शोध कार्यो के प्रकाशन में अब यह संस्था देश के आठ विश्वविद्यालयों की सूची में आ गई है और शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिये नौ करोड़ रूपये की विशेष सहायता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों और आवासीय हालों में पॉच सौ कम्पयूटर उपलब्ध कराये गये हैं और इन्टरनेट की गति में वृद्धि हुई है। नॉलिज नेटवर्क से इस विवि को जोड़ दिया गया है। यूनिवर्सिटी के चांसलर और सुप्रीमकोर्ट के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एएम अहमदी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सर सैयद का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। सर सैयद का प्रयास था कि सभी भारतवासियों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध हों। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने भी बाद में शिक्षा को मौलिक अधिकार बताया और अब भारतीय संसद ने बुनियादी तालीम को मौलिक अधिकार का दर्जा दे दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले वैज्ञानिक प्रोफेसर सैयद जहूर कासिम ने अमुवि में अपनी यादों को ताजा करते हुए कहा कि उन्होंने दुनियां भर में आयोजित सर सैयद दिवस समारोह में भाग लिया है और अंटार्कटिका मिशन के दौरान उन्होंने समुद्र में रह कर सर सैयद दिवस मनाया था। प्रोफेसर उबैद सिद्दीकी ने कहा कि सर सैयद ने 1857 की क्रांति के बाद मुसलमानों का विश्वास बढ़ाया, आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया। वह धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं समझते थे।
स्मृति समारोह में मॉस कम्युनिकेशन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एनएके दुर्रानी, दीनियात संकाय के डीन प्रोफेसर सऊद आलम कासिमी, छात्रा इरम खान और छात्र शाफे अनवारूल हक ने भी अपने विचार व्यक्त कर सर सैयद के जीवन पर प्रकाश डाला। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने कार्यक्रम का संचालन किया। डीन स्टूडैंटस वैलफेयर प्रोफेसर मुहम्मद जुबैर खान ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में सऊदी अरब और लीबिया के दूतावासों के राजनायिकों के अलावा अमरीका, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तनजानिया के पूर्व छात्रों ने भाग लिया।
सुबह के वक्त एएमयू में जामा मस्जिद में कुरान ख्वानी का आयोजन किया गया और सर सैयद के मजार पर कुलपति प्रोफेसर अजीज सहित प्राध्यापकों और छात्रों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। सर सैयद हाउस में कुलपति ने सर सैयद की पुस्तकों, चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी का आयोजन सर सैयद अकादमी के डायरेक्टर प्रोफेसर शान मुहम्मद और मौलाना आजाद लाइब्रेरी के लाइब्रेरी इंचार्ज प्रोफेसर शबाहत हुसैन ने किया।

मिन्टो सर्किल भवन का शताब्दी समारोह
अलीगढ़AMU Chancellor, Justice AM Ahmadi, VC Abdul Aziz, Prof Obaid Siddiqui, Prof Irfan Habib and Others। एएमयू के एसटीएस हाईस्कूल (मिन्टो सर्किल) के भवन के सौ वर्ष पूर्ण होने पर स्कूल मे आयोजित दो दिवसीय शताब्दी समारोह में देश-विदेश में रह रहे पूर्व छात्र स्कूल में जुटे और अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए स्कूल के स्तर को और अधिक ऊंचा उठाने पर सुझाव भी दिये। शताब्दी समारोह का उद्घाटन प्रख्यात वैज्ञानिक पद्म विभूषण प्रोफेसर उबैद सिद्दीकी ने किया। प्रोफेसर सिद्दीकी ने इस मौके पर कहा कि हॉलाकि वह इस स्कूल के छात्र तो नहीं रहे हैं लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से उनका इस स्कूल से जुड़ाव रहा है।
उन्होंने कहा कि इस स्कूल का एक स्वर्णिम इतिहास है और यहां से शिक्षा प्राप्त छात्र देश-विदेशों में उच्च पदों पर आसीन हैं। प्रोफेसर सिद्दीकी ने शिक्षकों से कहा कि वह छात्रों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप ढ़ालें क्योंकि शिक्षक ही सबसे बेहतर तरीके से छात्र की प्रतिभा की पहचान कर सकता है। उन्होंने कहा कि देश में अनेक ऐसे संस्थान हैं जो स्कूली छात्रों की प्रतिभा का प्रदर्शन न केवल देश बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करवा रहा है और शिक्षकों को ऐसे संस्थानों से भी संबंध विकसित करने चाहियें।
अमुवि चांसलर एवं सुप्रीमकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एएम अहमदी ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों के बीच स्नेह एवं उदारता का मजबूत रिश्ता होना चाहिए क्योंकि इस रिश्ते के चलते ही छात्र की प्रतिभा को निखारा जा सकता है। उन्होंने स्कूली छात्रों से कहा कि वह खेल के समय खेलें और पढ़ाई के समय केवल पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि हॉलाकि खेल जीवन में अनुशासन जरूर लाते हैं लेकिन पढ़ाई कैरियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मानद अतिथि कालीकट विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अनवर जहॉ जुबैरी ने कहा कि स्कूल के स्तर को ऊंचा उठा कर ही विश्वविद्यालय के स्तर को ऊंचा उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज स्कूली छात्र बढ़ते बस्ते के बोझ, मा-बाप व शिक्षकों की उन पर बढ़ती आशाओं से वह डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं और अक्सर वह आत्म-हत्या जैसी हृदयविदारक घटनाओं का भी शिकार हो जाते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की नई शिक्षा नीति से छात्रों का बोझ कम हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व है कि वह न केवल छात्रों को तनाव मुक्त रखें बल्कि उनका सही मार्गदर्शन भी करें।
अमुवि कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने कहा कि वह यूनिवर्सिटी के संबंधित स्कूलों के स्तर को ऊंचा उठाने तथा उन्हें सीबीईएसई व नवोदय विद्यालयों के बराबर लाने के लिए निरन्तर प्रयासरत हैं, और इसके लिए उन्होंने एक प्रस्ताव केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा हुआ है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में अभी बहुत सुधार की आवश्यकता है जिसके लिए सभी को मिलजुलकर कठिन परिश्रम करने की जरूरत है। स्कूलों के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार के अलावा अन्य लोगों का सहयोग भी अपेक्षित है।
प्रख्यात इतिहासकार जो इस स्कूल के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं, ने कहा कि इस स्कूल के नाम के आगे एएमयू लगाने पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए ताकि इस बात की पहचान हो सके कि यह स्कूल एएमयू से संबद्ध है। उन्होंने पूर्व छात्रों से कहा कि वह स्कूल की मदद को आगे आएं। उन्होंने कहा कि एटीएस स्कूल को अन्य राष्ट्रीय स्कूलों की तरह अग्रिम पंक्ति में खड़े होने का प्रयास करना चाहिए। समारोह के मानद् अतिथि हाकी टीम के पूर्व कप्तान जो स्वंय इस स्कूल के छात्र रहे हैं ने छात्रों से पढ़ाई के साथ खेलकूद गतिविधियों में भी रूचि लेने के लिए कहा। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनेक संस्मरण सुनाये और स्कूल के भवन को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किये जाने की भी मांग की। उन्होंने स्कूल प्रशासन को आश्वस्त किया कि वह र्स्पोटस आथिरिटी ऑफ इंडिया से कोच दिलवाने में मदद करेंगे।
कार्यक्रम को पाकिस्तान से आये स्कूल के पूर्व छात्र, सेवानिवृत ब्रिगेडियर इकबाल एम शफी व निजाम ट्रस्ट के ट्रस्टी शाहिद हुसैन जुबैरी ने संबोधित किया। इस अवसर पर प्रोफेसर उबैद सिद्दीकी व प्रोफेसर एमीरेटस इरफान हबीब ने स्मारिका का भी विमोचन किया। स्कूल के सबसे पुराने शिक्षक मुफ्ती अब्दुल कय्यूम सहित अनेक मेहमानों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। मुफ्ती अब्दुल कय्यूम का स्मृति चिन्ह उनके पुत्र शहर मुफ्ती अब्दुल खालिक ने प्राप्त किया।
अमुवि स्कूल के मैनेजर एवं रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए स्कूल के इतिहास एवं शताब्दी समारोह के उद्देश्यों से अवगत कराया। स्कूल के प्राचार्य फैसल नफीस ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन सीमा रऊफ ने किया। न्यू एजूकेशन रिफार्म पर सिम्पोजियम भी आयोजित किया गया जिसमें प्रोफेसर सीपीएस चौहान, प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब, प्रोफेसर हरिकेष सिंह, प्रोफेसर केके वशिष्ठ, प्रोफेसर हमीदा अहमद, नगमा इरफान, आमना मलिक ने भाग लिया। स्वागत नाज़मा जमां ने किया और धन्यवाद ज्ञापन मुहम्मद जफर मोहसिन ने किया।

 

थाना तहसील के निरीक्षण में डीएम को मिली अंधेरगर्दी

अलीगढ़। जिलाधिकारी के राम मोहन राव ने अतरौली में थाना तहसील और विकास खण्ड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें तहसील में एसडीएम कार्यालय और थाने में प्रातः 10 बजे से 12बजे तक का जन मिलन रजिस्टर नहीं मिला, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपने मातहतों से कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण एवं स्वच्छ प्रशासन को लेकर शासन बेहद गम्भीर है जिस हेतु समय-समय पर निरन्तर दिशा निर्देश निर्गत किए जा रहे है इसके बावजूद शिकायते प्राप्त हो रही हैं। जनपद स्तर पर भी प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली साप्ताहिक बैठक में जनता मुलाकाती रजिस्टर एवं शिकायत निस्तारण रजिस्टर बनाये जाने पर भरपूर जोर दिया जा रहा है ऐसे में तहसील व थाने में जनशिकायती रजिस्टर न बनाया जाना बेहद गम्भीर विषय है।
उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक कार्यालय में जनता शिकायती रजिस्टर आवश्यक रूप से बना लिया जाए। एसडीएम न्यायालय में रखरखाव उचित न मिलने के कारण जिलाधिकारी ने अलहमद उमेश कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिये। विकास खण्ड कार्यालय में अभिलेखों का सही ढंग से रखरखाव नहीं रखने पर सहायक विकास अधिकारी ओमप्रकाश को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने और अगले 15 दिनों में मुख्य विकास अधिकारी को दिये गये निर्देशों का अनुपालन कराने हेतु निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में नवीन भवन का भी निरीक्षण किया गया। जिसमें कमरों की छत से लगातार पानी टपक रहा था। खिड़की और दरवाजों को दीमक ने बराबाद कर दिया था। छत पर चढकर देखने पर ज्ञात हुआ कि छत पर गोबर के उपले लगाये जा रहे हैं और छत पर प्लास्टर की गुणवत्ता बेहद ही खराब है। जिलाधिकारी ने मौके पर ही एसडीएम को निर्देशित किया कि वे तत्कालीन लोनिवि के अवर अभियन्ता के विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं। लोनिवि ने यह भवन सन् 2002 में तहसील को हस्तांतरित किया है। जिलाधिकारी ने सभी अभिलेखागारों में एक-एक टार्च रखे जाने और अग्निशमन उपकरण को दुरूस्त किये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिस स्थान पर अग्निशमन उपकरण स्थापित हैं वहां के स्टाफ को उसका समुचित उपयोग करने का तरीका सिखाएं। स्वान केन्द्र में कार्य कर रहे अनुज जैन को कार्य की जानकारी नहीं होने पर उसे हटा कर दूसरा कर्मचारी तेनात करने के भी निर्देश दिये गये। स्वान केन्द्र में वातानुकूलित उपकरण रखा हुआ था जिसकी स्थापना नहीं की गई थी।
जिलाधिकारी को निरीक्षण में रजिस्ट्रार कानूनगो अभिलेखागार में गंदगी का अम्बार मिला और मूवमेंन्ट पंजिका न होने की वजह से यह ज्ञात नहीं हो पा रहा था कि कौन से अभिलेख कब और कहां गये हैं। डीएम ने मूवमेंट पंजिका बनाये जाने के साथ ही बस्ता शिल्प को प्लास्टिक के कवर में रखे जाने के निर्देश दिये। तहसीलदार के कमरे में बुलावा घंटी नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये उन्होंने कहा कि इससे तहसीलदार की कार्यप्रणाली का अन्दाजा लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी से इधर-उधर पडे़ निष्प्रयोज्य सामान को देखकर उसे विधिवत तरीके से नीलाम करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित शिकायतकर्ताओं को एक-एक कर सुना और सम्बन्धित को शिकायत निस्तारण हेतु निर्देशित किया।
थाना निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि प्रभारी निरीक्षक कार्यालय की कुर्सी के ठीक नजदीक नग्न अवस्था में विद्युत तार झूल रहे हैं जिससे कोई भी आकस्मिक अप्रिय दुर्घटना हो सकती है और बिजली बोर्ड से स्विच भी नदारद थे। प्रथम दृष्टया पाया गया कि थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो रही है जिस पर जिलाधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराने आये परेशान शिकायतकर्ताओं की प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिये। निरीक्षण में पाया गया कि नोटिस बोर्ड एवं गुमशुदगी बोर्ड, जिसे भवन की मुख्य दीवार पर लगा होना चाहिये था, गली में रखा था। जिसे मौके पर ही जिलाधिकारी ने मुख्य दीवार पर टंगवाया। सम्पत्ति गृह के निरीक्षण में पाया कि हेड मुहर्रिर मौके पर नहीं होने पर उसकी चाबी नहीं है। जिलाधिकारी ने बीट कान्स्टेबिल रजिस्टर भी देखा। जनशिकायती रजिस्टर मांगने पर प्रभारी कार्यालय रजिस्टर नहीं दिखा सके। प्रगति अभियोग दैनिदिनी पर मुकदमा तफ्तीश आदि का पूरा ब्योरा नहीं लिखा गया था बल्कि परिणाम लिख दिया गया था। पंजीकृत मुकदमों के बारे में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि ग्राम गदाईपुर के धारा 307 में माह मई में दर्ज मुकदमें में अभी तक कोई कार्रवाई ही नहीं की गई है। इसे उन्होंने आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने थाने पर फर्जी बैनामा के संबंध में आए शिकयतकर्ता का मामला व्यक्तिगत रूचि लेकर सुना और विवेचना अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नकब लगाकर चोरी करने, मारपीट, छेड़छाड़, राशन वितरण और आपसी बंटवारे की शिकयतों को भी सुना। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरनाम सिंह, उपजिलाधिकारी रेखा एस चौहान, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीन रंजन, तहसीलदार विंक्रम सिंह और नायब तहसीलदार मौजूद थे।

टिंचर कुट्टू की अवैध बिक्री पर गुंडा एक्ट लगेगा
अलीगढ़। जिलाधिकारी के राम मोहन राव ने कुट्टू की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए दोषी दवा विक्रेताओं पर गैंगस्टर एवं गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए सभी दवा विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वह बिना किसी चिकित्सक के परामर्श के किसी भी मरीज को टिंचर कुट्टू नहीं देंगे। इसके साथ ही एक रजिस्टर रखेंगे जिसमें वह अंकित करेंगे कि मरीज को किस चिकित्सक ने कुट्टू के लिये परामर्श लिखा है। रजिस्टर में चिकित्सक एवं मरीज का नाम, पूरा पता दिनांक सहित लिखा जाएगा।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने प्रत्येक चिकित्सक को कुट्टू के भण्डारण का एक रजिस्टर रखना भी अनिवार्य करते हुये निर्देशित किया कि दवा विक्रेता जिस कम्पनी से कुट्टू खरीद कर लाएंगे उस कम्पनी से लिखित लेंगे कि कितनी मात्रा में कुट्टू खरीदा गया है और रजिस्टर बनायेंगे कि कितना भण्डारण अवशेष है और कितना बिक्री कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने ड्रग इन्सपैक्टर और आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से छापामार कार्रवाई करते रहेंगे और भण्डारण का मिलान भी करेंगे।
नगर मजिस्ट्रेट केएन सहगल की अगुआई में डा मनोहर लाल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रातः 8 बजे ड्रग इन्स्पैक्टर और पुलिस बल के साथ एसवी मेडिकल स्टोर सराय हकीम का औचक निरीक्षण किया जिसमें 324 शीशियां स्ट्राँग जिन्जर टिंचर बरामद हुईं जिनको मौके पर ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 22 के अर्न्तगत फार्म-16 पर सीज कर दिया गया। मौक पर तीन लोग जो वहां से खरीद कर कुट्टू पी रहे थे उनके बयान लिए गए। बयान के दौरान उन्होंने बताया कि यह दवा विक्रेता घर पर भी कुट्टू रखता है। दवा विक्रेता अमित कुमार गौड़ से टिंचर के क्रय-विक्रय का लाइसेंस और टिंचर का क्रय बिल मांगा गया तो कोई सन्तोषजनक जवाब नहीं दे सका। तीनो लोगों के बयान के आधार पर दवा विक्रेता के घर पर छापा मारा गया मगर वहां पर टिंचर बरामद नहीं हुआ।

 

कुलपति ने छात्राओं की समस्याएं सुनीं
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने एसएन हाल की छात्राओं से भेंट के दौरान उनकी समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। कुलपति ने कहा कि विवि प्रशासन आवासीय हालों के छात्र-छात्राओं की समस्याओं के प्रति सजग व गंभीर है और उन्हें हल करने की दिशा में ठोस कार्य किये जा रहे हैं। उनकी यह प्राथमिकता है कि हाल आवंटित होने वाली सभी छात्राओं को रूम उपलब्ध हों और उन्हें सभी बेहतर आवासीय सुविधायें मिल सकें, विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर छात्र-छात्राओं को कम्पयूटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिसका उन्हें भरपूर उपयोग करना चाहिए। एसएन हाल की छात्राओं ने कुलपति के समक्ष विभिन्न समस्याओं को प्रस्तुत किया जिस पर कुलपति ने कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर मुहम्मद जुबैर खान, एसएन हाल की प्रवोस्ट डा फरज़ाना बेग तथा वार्डन्स डा अंजुम आरा, डा नीलम शहवर, डा फरहा मकसूद, डा किश्वर ज़फीर, डा आयशा फारूख और डा रंजीता देवी भी मौजूद थीं।

प्रोफेसर जलील स्कूलों के मैनेजर
अलीगढ़। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील को विवि से संबंधित स्कूलों का मैनेजर नियुक्त किया है। प्रोफेसर जलील अब सीनियर सेंकेड्री स्कूल गर्ल्स व ब्वायज़, एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल, एएमयू सिटी गर्ल्स हाईस्कूल, एसटीएस हाईस्कूल, एएमयू सिटी हाईस्कूल, अहमदी फॉर दा ब्लाइंड, अब्दुल्लाह नर्सरी एण्ड प्राइमरी स्कूल तथा एबीके यूनियन स्कूल के मैनेजर होंगे। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब के स्थान पर की गई है।

उमर ने नाम रौशन किया
अलीगढ़। एएमयू के एसटीएस हाईस्कूल (मिन्टो सर्किल) स्कूल का एक और सितारा रोशन हो गया है। स्कूल के होनहार छात्र उमर अफरोज़ ने राष्ट्रीय प्रतिभा खोज’’ की अन्तिम परीक्षा को पास कर लिया है। विदित हो कि इससे पहले भी इस ऐतिहासिक विद्यालय के कई छात्रों का इस छात्रवृति के लिये चयन हुआ है। हाल के वर्षों में इनमें सैफ़ रहमान, वरूण भारद्वाज और मौहम्मद शाहिद के नाम शामिल हुए हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य फै़सल नफ़ीस ने शुभकामनाएं देते हुए उमर के उज्जवल भविष्य की कामना की है। उनके मुताबिक सीजीसी के निदेशक डा परवेज तालिब का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सक्रिय रूप से सहयोग करने तथा छात्रों को प्रेरित करने के लिये उन्होंने स्कूल के विज्ञान अध्यापक मौहम्मद तारिक की प्रशंसा की है।

यूनानी संस्थान में हिंदी दिवस
अलीगढ़। क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान अलीगढ़ में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया जिसमें संस्थान के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। सुलेख प्रतियोगिता, कविता एवं स्लोगन प्रतियोगिता भी कराई गई और विजेताओं को उपहार दिये गये। डा राशिद-उल-इस्लाम ने कविताएं सुनाईं। अतिथि के रूप में जॉनी फॉस्टर ने भी खूब रंग जमाया। कार्यक्रम को संचालक डा आमिर अब्बास ने मनोरंजक बनाया और कहा कि हिंदी दिवस मनाने के लिये क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान के सभी लोग केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद के डायरेक्टर जनरल डा मौहम्मद खालिद सिद्दीकी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। इस अवसर पर डा सौकिया अब्बास, डा शबाना, डा राशिद, डा शीरीन, डा शगुफता, डा परवेज आज़मीरूल इस्लाम, निरंजन प्रसाद शर्मा, अनस सलीम काजी, मौहम्मद काफी और कार्यालय के सभी कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डा आमिर अब्बास ने किया। हबीबुर्रहमान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

पूर्व प्राचार्य के निधन पर शोक
अलीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के नेत्र चिकित्सा संस्थान के पूर्व निदेशक एवं फैकल्टी ऑफ मेडीसन के पूर्व डीन कालिज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर बीआर शुक्ला के निधन पर मेडीसन संकाय में शोक सभा का हुई। मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर एस अबरार हसन सहित बड़ी संख्या में मौजूद मेडीकल कालिज के शिक्षकों ने प्रोफेसर बीआर शुक्ला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतृप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। गौरतलब है कि प्रोफेसर शुक्ला एएमयू के कार्यवाहक कुलपति भी रह चुके हैं।

 

डूडा की अब तकनीकी सेवाएं भी
अलीगढ़। जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी संजय पथरिया के अनुसार दक्ष मोटर बाइडिंग, बिजली फिटिंग, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एसी, कूलर कारीगरों को डूडा सेवा केन्द्र के माध्यम से अधिक से अधिक कार्य उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। इच्छुक दक्ष कारीगर कलक्ट्रेट परिसर में डूडा कार्यालय में स्थापित सेवा केन्द्र पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने आम जनता से भी कहा है कि सम्बन्धित तकनीकी कार्य कराने वाले व्यक्ति डूडा सेवा केन्द्र से व्यक्तिगत अथवा टेलीफोन नंबर 2706458 के माध्यम से अपनी आवश्यकता के अनुसार सेवायें ले सकते हैं।
 

सर्जरी से पुरूष लक्षण वाली समस्या से मुक्ति

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने पुरूष लक्षण वाली अजीबो गरीब समस्या से ग्रस्त एक 21 वर्षीय युवती की अनूठी सर्जरी कर उसे इस समस्या से मुक्ति दिलाने का दावा किया है।
कालिज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा अरशद हफीज खान ने बताया है कि अलीगढ़ के निकट के एक गांव की 21 वर्षीय युवती एंबिगस जेनिटेलिया नामक बीमारी से पीड़ित थी। उसमें आंशिक तौर पर पुरूष जननांग विकसित हो गया था जबकि उसका बाकी शरीर पूर्ण रूप से महिलाओं की तरह ही था। डा अरशद के मुताबिक इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब उसका विवाह हुआ और विवाह के तुरंत बाद ही उसका पति उसे मायके छोड़ कर चला गया। युवती के परिजन उसको जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज लेकर आये जहां परीक्षण के बाद उसकी सर्जरी की गई। लगभग दो घंटे चली सर्जरी के बाद उसके पुरूष जननांग की प्लास्टिक सर्जरी कर फंक्शनल वेजाइनल कैनाल विकसित किया गया।
डा हफ़ीज़ ने बताया कि उसके माता पिता को उसके वैवाहिक जीवन और सामाजिक मान्यताओं की भारी चिंता थी, परन्तु अब युवती और उसके परिजन आपरेशन की सफलता से काफी प्रसन्न हैं। डा हफीज ने बताया कि उसके वक्ष व बाहरी जेनिटेलिया विकसित करने के लिए हार्मोन्स भी दिये गये हैं ताकि वह और अधिक स्त्री लग सकेगी। उन्होंने बताया कि अब वह एक महिला के रूप में सामान्य जीवन व्यतीत कर सकती है। आपरेशन में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डाक्टर मनाल मुहम्मद खान और डा मुईनउद्दीन अहमद शामिल थे जबकि पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर इमरान गनी ने आपरेशन के समय उपस्थित रहकर अपने सुझाव दिये।

एएमयू की नई वेबसाईट
अलीगढ़। एएमयू की नई वेबसाईट एएमयू डॉट एसी डॉट इन का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने किया। इस मौके पर अपने उद्बोधन में कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने कहा कि विश्वविद्यालय में अति आधुनिक वेबसाइट के विकसित होने से न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी विश्वविद्यालय के बारे में लोगों को जानकारी प्राप्त हो सकेगी और विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं से भी करार में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इस आईसीटी विस्तार के युग में इसका प्रयोग प्रवेश के अलावा अध्यापन, परीक्षा में भी होना चाहिए और सभी को इसमें दक्षता प्राप्त करनी चाहिए।
कम्पयूटर सेंटर के डायरेक्टर प्रोफेसर एमटी अहमद ने कहा कि इस वेबसाइट में विश्वविद्यालय के समस्त विभागों, संकायों एवं कार्यालयों की 75 प्रतिशत जानकारी मौजूद है और शेष जानकारी को भी इसमें शीघ्र ही शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह वेबसाइट विवि के अपने सर्वर से ही संचालित होगी और विवि के अन्य साइटों को भी यहां से कनेक्टिंग सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
वेबसाइट तैयार करने वाले कम्पयूटर प्रोग्रामर मलिक हाशमी ने उपस्थितजनों को संपूर्ण वेबसाइट से अवगत कराया। कम्पयूटर सेंटर के सिस्टम मैनेजर मुहम्मद अफज़ाल ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट कम्पयूटर प्रोग्रामर सलीम अली ने किया। रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील, कंट्रोलर प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब, प्रोफेसर एम सलीमउद्दीन सहित अनेक शिक्षक व स्टाफ के लोग इस मौके पर मौजूद थे।

अलीगढ़: नरेगा में भारी गड़बड़‍ियां पता चलीं
अलीगढ़। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराये गये अथवा कराये जा रहे कार्यों की जॉच या निरीक्षण के दौरान प्रकाश में आई शासकीय क्षति की वसूली सचिव ग्राम पंचायत, कार्य प्रभारी, ग्राम प्रधान एवं कार्य की मापी करने वाले अवर अभियन्ता, तकनीकी सहायक में से प्रत्येक से 33-33-33-33 समभाग प्रतिशत के अनुपात में की जायेगी।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्रामसभा में नरेगा योजना में तालाब निर्माण अथवा जीर्णोद्वार कार्य होना है। स्कूल शौचालय में साफ-सफाई एवं पानी की आपूर्ति निरन्तर रहे, अतिक्रमणकारियों एवं दबंगों के विरूद्ध निसंकोच प्राथमिकी दर्ज कर मुकदमा पंजीकृत कराया जाए, जिन ग्रामों में नरेगा में एक लाख से कम धनराशि अवशेष है वह तत्काल मॉगपत्र भेज कर धनराशि प्राप्त कर विकास कार्य करायें। ये निर्देश जिलाधिकारी के राम मोहन राव ने जनपद में तहसील कोल व गभाना के सीसी रोड एवं केसी निर्माण कार्य वाले 12 ग्रामों के ग्राम प्रधानों, लेखपालों, ग्राम सचिवों की बैठक के दौरान कलक्ट्रेट सभागार में दिये। सूचना प्राप्त होने के बावजूद भी दो लेखपाल अजीज खॉ तथा फरहत अली बैठक में नहीं आए जिसपर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिये गये।
जिलाधिकारी ने जनपद के सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद ग्राम निधि के नरेगा मद के खातों में एक लाख की धनराशि सदैव अवशेष रहने के कड़े निर्देश होने के बाद भी खातों में एक लाख से कम धनराशि अवशेष रहने पर गहरी चिन्ता व्यक्त की। इस बावत मुख्य विकास अधिकारी दिनेश सक्सेना ने साफ शब्दों में कहा कि प्रथम दृष्ट्या इसमें खण्ड विकास अधिकारी की घोर लापरवाही नजर आती है,जोकि शासन के निर्देशों का साफ-साफ उल्लंघन है। इस सम्बन्ध में उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी जवॉ प्रकाश चन्द्र वार्ष्णेय को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिये।
बैठक में 12 ग्रामों में हैण्डपम्पों की संख्या, नरेगा में अवशेष धनराशि, इन्दिरा आवास, स्वच्छ शौचालय, मध्यान्ह भोजन, बीपीएल व अन्त्योदय कार्ड, पुष्टाहार वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पेंशन वितरण, पट्टेदारों का पट्टों पर कब्जा, ग्राम में सफाई व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विचार विमर्श के दौरान संज्ञान में आया कि ग्रामों में एक लाख से कम धनराशि अवशेष है, कई ग्राम ऐसे भी हैं जिनमें कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को निर्देशित करते हुये कहा कि निर्माण कार्य स्थल पर कार्य के नाम का बोर्ड, कार्य पूरा होने की अनुमानित अवधि तथा लागत का बोर्ड अवश्य लगाया जाये। नरेगा जाब कार्ड ग्राम प्रधान या सेक्रेट्री के पास रखा जाना अत्यन्त आपत्तिजनक है, खण्ड विकास अधिकारी सुनिश्चित करें कि जॉबकार्ड श्रमिक के पास ही होना चाहिये। उन्होंने कहा कि जनपद मुख्यालय स्तर पर जाब कार्ड, मस्टररोल तथा एमबी आदि के प्रपत्र पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ग्रामों में कराये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि तहसील कोल के ग्राम साथा में नरेगा मद में धनराशि नहीं है और न ही विकास खण्ड स्तर से धनराशि हेतु मॉग पत्र ही प्राप्त हुआ है। दो हैण्डपम्प रिबोर होने हैं तथा एक विकलॉग को पेंशन नहीं मिल रही है। ग्राम में एक तालाब है जिसका सीमांकन ही नहीं है जबकि डीएम की अध्यक्षता में प्रत्येक सप्ताह होने वाली साप्ताहिक बैठक में इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी का आदान-प्रदान किया जाता है।

ग्राम रठगवॉ में नरेगा मद में 2 हजार रूपया ही अवशेष मिले, जिसकी वजह से श्रमिकों का भुगतान भी रूका हुआ है। तीन लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है, 8 विकलॉग पेंशन के प्रार्थनापत्र लम्बित हैं। ग्राम बरौठा चौगानपुर में 1 हैण्डपम्प खराब और 1 इन्दिरा आवास अवशेष है। मंजूरगढी में नरेगा में 2 लाख की धनराशि अवशेष होने के बाद भी नरेगा में कोई कार्य नहीं चल रहा है। पांच वृद्धावस्था पेंशन रूकी हुयी हैं। ग्राम जलालपुर गडिया में नरेगा में 5 हजार की धनराशि ही अवशेष है। दो हैण्डपम्प रिबोर होने हैं। ग्राम अकराबाद में आवंटित 81 पट्टों के सापेक्ष 11 तथा ग्राम कुआगॉव में 63 के सापेक्ष 45 पटटों के मामले न्यायालय में विचाराधीन होना बताया गया।
तहसील गभाना के ग्राम बरौली में पात्र पट्टाधाराकों के कब्जे न होना बताया गया जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम गभाना मनोज कमार सिंह को मौके पर जाकर समस्या का हल निकालने के निर्देश दिये। ग्राम रामपुर शाहपुर में नरेगा में 7 हजार की धनराशि का अवशेष होने के साथ ही विकास खण्ड स्तर से धनराशि हेतु मॉग पत्र का न आना भी संज्ञान में आया। ग्राम कसेरू में 1 इन्दिरा आवास अवशेष तथा 3 लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्राप्त न होना बताया गया। ग्राम सुनाना में नरेगा में 15 हजार तथा ग्राम जखौता में 1 हजार की धनराशि का अवशेष होना बताया गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिनेश सक्सेना, परियोजना निदेशक डीआरडीए राधेश्याम गुप्ता, उपजिलाधिकारी गभाना मनोज कुमार सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी संजय वरनवाल मौजूद थे।


मजिस्ट्रेटी जांच
अलीगढ़। इकतीस मार्च 2009 को एक ट्रैक्टर ट्राली के नियंत्रण खो देने के कारण सोहराबगेट डिपो मार्ग पर संचालित वाहन संख्या यूपी 12 जे/2896 से केपी इन्टर कालेज के निकट दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी। इस प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गयी है। घटना के सम्बन्ध में कोई भी जन-सामान्य अपना पक्ष, साक्ष्य 23 सितम्बर को नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है।

 

'ग्रीवैंस सैल' छात्रों के लिए-कुलपति

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने छात्र -छात्राओं की समस्याओं के निवारण के लिये गठित ग्रीवैंस सैल की मीटिंग को सम्बोधित करते हुए कहा है कि छात्रों की शिकायतों की सीधी जानकारी प्राप्त करने के लिये यह सैल गठित की गई है ताकि छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा, बिजली, पानी, शोध में जो समस्याएं आती हैं वह छात्र, प्रशासन के सम्मुख प्रस्तुत कर सकें जिससे विश्वविद्यालय उनका अपने स्तर पर निवारण कर सके।
प्रोफेसर अजीज ने कहा कि ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में इस बार एएमयू को सबसे अधिक धन प्राप्त हुआ है। अपनी दो वर्ष की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सोशल साइंस संकाय की नई बिल्डिंग बन रही है और नेत्रहीन छात्रों के लिये विशेष छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। मौलाना आजाद लाइब्रेरी का विस्तार कार्य शुरू हो रहा है और पांडुलिपियों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नये क्लास रूमों के निर्माण से कक्षाएं चलाने में कुछ मदद मिलेगी। गोया छात्रों के हितों पर सर्वाधिक ध्यान दिया जा रहा है ताकि और ज्यादा शांतिपूर्ण शैक्षिक वातावरण बन सके और विश्वविद्यालय में हर तरफ शैक्षिक, साहित्यिक,सांस्कृतिक, खेल-कूद के माहौल को और गति दी जा सके। मीटिंग में कॉमर्स, इंजीनियरिंग और मेडीसिन के छात्र -छात्राओं ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की समस्याओं को रखा।
मेडीकल के छात्रों ने जगह की कमी को पूरा करने पर विशेष ध्यान देने की अपील की, क्योंकि मेडीकल कालिज अस्पताल में प्रतिवर्ष रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। आपरेशन थियेटर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, कपड़े बदलने के लिये अलग से स्थान उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रथम वर्ष के एमबीबीएस के छात्रों ने पोस्ट मार्टम के लिए लाशों को उपलब्ध कराने की भी अपील की। मेडीकल छात्रों ने कुलपति के प्रयासों की सराहना की। कुछ जूनियर डाक्टरों ने कहा कि उन्हें चौबीस घन्टे तक लगातार डयूटी करनी होती है, ऐसी स्थिति में उनकी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकांश छात्रों ने बिजली की समस्या को प्रमुख समस्या बताते हुए इसका निदान करने का आग्रह किया। छात्राओं ने अलग से बाथरूम बनाने की भी अपील की। कुछ छात्रों ने टैकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी को भी उठाया। मीटिंग में रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील, प्रोक्टर प्रोफेसर मुजफ्फर ए सिद्दीकी और डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर मुहम्मद जुबैर खान भी मौजूद थे। कुलपति ने नये छात्रों का इन अधिकारियों से परिचय भी कराया।
 

शार्ट टर्म कोर्सेज़
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीमेन्स कालिज कैरियर प्लानिंग सेंटर के विभिन्न शार्ट टर्म कोर्सेज़ में प्रवेश के लिए आवेदन 10 अक्टूबर तक जमा किए जा सकते हैं। कैरियर प्लानिंग सेंटर की निदेशक डा साबरा खातून ने बताया कि सेंटर के अंतर्गत चलने वाले ब्यूटी कल्चर स्किन केयर व हेयर केयर, इंटीरियर डेकोरेशन, टेक्सटाइल डिज़ाइनिंग, फैशन गारमेंटस, टाइपिंग, टैली, निडिल वर्क, वेब डिज़ानिंग एण्ड नेट वर्किंग व इंग्लिश फ्लुएंसी डवलपमेंट कोर्स में किसी भी संस्थान से हाई स्कूल उत्तीर्ण छात्रा या ग्रहणी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकती है। आवेदन कैरियर प्लानिंग सेंटर के कार्यालय से प्रातः 10 बजे से दोपहर एक बजे तक प्राप्त किये जा सकते हैं।
 

पूर्व छात्रों का महासम्मेलन
अलीगढ़। एएमयू के एसटीएस हाई स्कूल (मिन्टोसर्किल) की इमारत के सौ वर्ष पूरे होने पर आगामी 18 और 19 अक्टूबर को स्कूल के पूर्व छात्रों का महासम्मेलन होगा जिसमें पूरे विश्व में फैले पूर्व छात्रों को आमंत्रित किया जा रहा है। एसटीएस हाई स्कूल के प्रिंसपिल फैसल नफीस ने बताया कि एल्यूमनाई मीट का मुख्य उद्देश्य आपसी समझ, सहयोग व सामाजिक इंटरएक्शन को बढ़ावा देना है ताकि पूर्व छात्र आज के तेजी से बदलते हुए युग में एक मंच पर इकट्ठा होकर अपने जीवन के अनुभवों को एक दूसरे के साथ बांट सकें और अपने संबंध अपनी पूर्व शिक्षण संस्था से मजबूत कर सकें। फैसल नफीस ने सभी पूर्व छात्रों से इस महासम्मेलन में शिरकत का अनुरोध करते हुए कहा कि इसके लिए रजिस्ट्रेशन फार्म स्कूल से प्राप्त करने के अलावा वेबसाइट से प्राप्त कर जमा किये जा सकते हैं।

 

'ग्रीवैंस सैल' में कुलपति का समस्याओं से सामना

अलीगढ़। एएमयू के विभिन्न विभागों में अध्ययनरत छात्रों की समस्याओं का निवारण करने के लिए गठित 'ग्रीवैंस सैल’ की मीटिंग में कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने कहा कि उनका यह प्रयास है कि यह संस्था राष्ट्र की सबसे प्रमुख संस्था बन सके और इस विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र अपनी पहचान बनाकर अपने परिवार और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि गत दो वर्षो में यहां के प्राध्यापकों ने शोध पत्रिकाओं में बहुत से लेख लिखे, जिसकी वजह से अब यह विश्वविद्यालय साइंटीफिक पब्लिकेशन के क्षेत्र में देश के दस विश्वविद्यालयों की सूची में आ गया है।
कुलपति ने कहा कि पिछले दो वर्षो से वे यहॉ शान्तिपूर्ण शैक्षिक वातावरण की नई संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। समय पर प्रवेश और परीक्षायें हुईं, अब उनका सपना है कि एएमयू देश की आदर्श संस्था बन जाए। कुलपति ने कहा कि नये शिक्षा सत्र से ही सैंट्रल इंस्ट्रामेन्टेशन सैंटर की स्थापना की जा रही है ताकि वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अमुवि में आईएएस कोचिंग अकादमी की स्थापना के लिये दस करोड़ रूपए स्वीकृत किए हैं ताकि यहॉ के छात्रों को उच्च सेवा में भर्ती के अवसर उपलब्ध हो सकें। मेडीकल और इंजीनियरिंग कालिजों का विस्तार किया जा रहा है, जनसूचना प्रोद्योगिकी का विस्तार किया गया है और सभी विभागों और हालों में कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
कृषि विज्ञान की छात्रा ने अपने संकाय में लड़कियों के लिये बाथरूम और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की अपील की। हिन्दी विभाग के छात्रों ने बिजली की बेहतर आपूर्ति की मॉग की और सेमिनार रूम की सफाई व्यवस्था का मामला उठाया। ज्योलोजी की छात्रा अरीना खान ने देश भर के विशेषज्ञों को विभाग में आमंत्रित करने का सुझाव दिया। साथ ही प्लेसमैंट सैल के गठन की अपील की। कैमिस्ट्री के छात्रों ने प्लेसमैंट सैल के साथ नये उपकरण स्थापित करने की अपील की।
समाज शास्त्र की शोधकर्ता सीमा कुमारी ने शोध छात्रों के लिये अलग से सेमिनार रूम बनाने और फील्ड के लिये बस उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। अर्थशास्त्र की अमरीन अशरफ ने छात्र और शिक्षकों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि अच्छे जर्नल मंगाये जायें। जनसंचार विभाग की समीन हुसैन ने कहा कि टीवी और रेडियो के प्रशिक्षण के लिये विशेष व्यवस्था की जाए और पत्रकारों को विभाग में आमंत्रित कर उनसे संवाद को बढ़ावा दिया जाए, जरूरत हो तो प्रतिष्ठित पत्रकारों को गैस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया जाए।
इस्लामिक स्टडीज की छात्रा जर्रीन वहाब ने कहा कि इस्लामिक स्टडीज को बीएड में शामिल किया जाय और क्लास रूमों की कमी को पूरा किया जाए। वैस्ट एशियन स्टडीज में अध्ययनरत विदेशी छात्र सोमोलीन ने फोटो स्टेट मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने और क्लास रूम का विस्तार कराने की अपील की। छात्र व छात्राओं की इस मीटिंग में मुख्य समस्यायें पानी, बिजली और क्लास रूम के अभाव की थीं। सभी छात्र पढ़ाई और यहां के वातावरण से सन्तुष्ट थे।
इस ग्रीवैंस सैल की मीटिंग में रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील, कन्ट्रोलर प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब, वित्त अधिकारी यासमीन जलाल बेग, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर मुहम्मद जुबैर खान, प्रोक्टर प्रोफेसर मुजफ्फर ए सिद्दीकी और पीआरओ डा राहत अबरार ने भाग लिया। कुलपति ने छात्रों को विश्वास दिलाया कि वह उनकी समस्याओं को हल करेंगे और विभागों का दौरा भी करेंगे।

मुबीन एएमयू प्रेस के इंचार्ज
अलीगढ़। एएमयू के एप्लाइड कैमिस्ट्री विभाग में प्रोफेसर डा मुहम्मद मुबीन को एएमयू प्रेस का मेम्बर इंचार्ज नियुक्त किया गया है। तत्काल प्रभाव से उनकी नियुक्ति कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज ने प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब के स्थान पर अग्रिम आदेश तक की है।

इफ़तार पार्टी
अलीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के एमबीबीएस एवं बीडीएस छात्रों के बैच 2009 के छात्रों ने इफ़तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें छात्रों के अलावा मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर अबरार हसन, कम्यूनिटी मेडीसन विभाग के अध्यक्ष डा अतहर अंसारी, डा मुहम्मद असलम, डा गुलजार नबी खान, डा शगुफता, डा जावेद, डा शादाब, डा सलमान, डा अशोक व डा अनूप ने भी शिरकत की।

नेत्र परीक्षण शिविर
अलीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के इंस्टीटयूट ऑफ ऑप्थामालोजी ने लायन्स क्लब, अलीगढ़ जागृति के सहयोग से रघुवीर बाल मंदिर में नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया जिसमें 111 स्कूली बच्चों का नेत्र परीक्षण किया गया। शिविर में इंस्टीटयूट ऑफ आप्थामालोजी के निदेशक प्रोफेसर आर माहेश्वरी, सीनियर रेज़ीडेंट डा फरहत अबरार, जूनियर रेज़ीडेंट्स डा अभिषेक लोहिया, डा मरिनमाय डेव व आतिफ अनवर ने स्कूली बच्चों का नेत्र परीक्षण किया और उन्हें ऑखों की सुरक्षा के उपाय बताये। शिविर में इंस्टीट्यूट के निहाल सिंह, मुहम्मद शाहिद और अरविंद कुमार शर्मा का भी सहयोग रहा।

'रमज़ान आ गया'
अलीगढ़। एएमयू में अध्ययनरत मुस्लिम व गैर मुस्लिम छात्रों ने साम्प्रदायिक सौहार्द व सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर जॉनी फॉस्टर लिखित अल्लाह की ले के बरकतें रमज़ान आ गया, चारों तरफ़ इबादतें रमज़ान आ गया’ इफ़तार में तमाम मज़ाहिब के लोग हैं, फि़र बांटने मुहब्बतें रमज़ान आ गया’। रिकार्ड कराया। विभिन्न विषयों (साइंस, हिन्दी, कला, कानून, इंजीनियरिंग आदि) में पढ़ रहे- दौलत राम, फ़हद, कमर, आलम, जोंस फॉस्टर, मेंहदी अब्बास, तंज़ील, गोविन्द, फ़ुरकान, मुशाहिद, इशरत आदि ने हिस्सा लिया। जॉनी फॉस्टर ने बताया कि सीडी की कॉपी अमुवि व अलीगढ़ के प्रमुख लोगों के अलावा राष्ट्रपति डा प्रतिभा पाटिल, उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, प्रदेश मुख्यमंत्री मायावती, ऑस्कर पुरस्कार विजेता एआर रहमान, अटल बिहारी बाजपेई, मुलायम सिंह यादव, प्रोफेसर गोपीचंद नारंग, ख़ुशवंत सिंह आदि को भेंट स्वरू
प भेजी गई हैं।

एएमयू की खबरें आगे भी