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दुनिया को टाटा बैंक का इंतजार
मुंबई। भारत का प्रमुख औद्योगिक घराना टाटा समूह
बैंकिंग क्षेत्र में भी अपना साम्राज्य स्थापित करने की
प्रक्रिया में शामिल हो गया है। टाटा के सामने
अभी एक कठिनाई यह है
कि सरकार किसी औद्योगिक समूह की पांच फीसदी से ज्यादा
हिस्सेदारी की मंजूरी नहीं दे सकती। टाटा समूह ऐसे बैंक खोलने
की कोशिश में है कि जिसमें सारी बैंकिंग सुविधाएं हों। सरकारी
एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों से भी ज्यादा सुविधाएं।
टाटा यूं तो पहले से ही बैंकिंग सुविधाएं दे रहा है
लेकिन उसका पूरी तरह से बैंकिंग क्षेत्र में उतरने का इरादा बन
चुका है। टाटा को सरकार की मंजूरी की इंतजार है ताकि वह एसेट
मैनेजमेंट स्टाक एंड कॉमोडिटी ब्रोकिंग, क्रेडिट कार्ड और बीमा
क्षेत्र को और विकसित करते हुए अपनी बैंकिंग सेवाओं को दुनिया
की सर्वश्रेष्ठ सेवाओं में खड़ा कर सके।
रतन टाटा ने दुनिया के औद्योगिक क्षेत्र में जो सफलता
हासिल की है उससे भारत के लोगों को यह यकीन हो गया है कि टाटा
यदि बैंकिंग क्षेत्र में उतरते हैं तो यह देश के व्यावसायिक
घरानों एवं औद्योगिक घरानों सहित दूसरे बैंकिंग कारोबारियों को
देश के अन्य बैंकों से ज्यादा सुविधाएं और वातावरण मिलेगा।
इससे उन बैंकों और उन कंपनियों की छुट्टी हो जाएगी जो
बड़े-बड़े लालच देकर आम जनता का पैसा अपने यहां जमा करते हैं
और मांगने पर देश छोड़कर भाग जाते हैं। ध्यान रहे कि अरबों
रुपया उन लोगों का ऐसे बैंक डकार चुके हैं इसलिए भारतीयों में
देश की निजी क्षेत्र की बैंकिंग प्रणाली पर अभी शक है। रतन
टाटा ने बैंकिंग क्षेत्र में उतरने की मंशा जताकर भारतीयों के
इस विश्वास को काफी समृद्ध किया है कि वह उनके आर्थिक हितों को
मजबूत कर सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक पर इस बात के लिए दबाव बढ़ रहा है
कि वह इस तरह की पाबंदियों को हटाने के लिए पहल करे। टाटा के
दूसरे बैंकिंग सेवाओं में सफलतापूर्वक काम करने से यह दबाव और
ज्यादा ही बढ़ गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था में रतन टाटा का नई
पीढ़ी के सामने जो योगदान आया है उससे भारतीय प्रतिभाओं को
उससे जुड़ने की प्रेरणा मिली है। दुनिया में टाटा की सेवाओं को
औद्योगिक जगत ने इक्कीसवीं सदी की उन सेवाओं से जोड़ा है जो कि
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों के घरों में दस्तक दे रही हैं।
बैंकिंग क्षेत्र में पूरी तरह से आने के बाद टाटा एक ऐसा
औद्योगिक घराना बन जाएगा जो सभी क्षेत्रों में अपनी सफलता के
झंडे गाड़ चुका है।

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