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एसटीएफ के हाथ लगे चरस के अंतर्राष्ट्रीय तस्कर
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टॉस्क फोर्स ने नेपाल से उत्तर प्रदेश
और भारत के अन्य राज्यों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परिशोधित
चरस की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को धर-दबोच कर
उनके कब्जे से भारी मात्रा में चरस और उसे ढोने वाला ट्रक
बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने इन तस्करों के नाम संजय
कुमार विश्वकर्मा, सुद्धीलाल विश्वकर्मा और यशपाल यादव बताए
हैं जो कि उन्नाव जिले के रहने वाले हैं। उनसे बरामद परिशोधित
चरस करीब 100 किलोग्राम है जो कि महिंद्रा पिकअप वैन में बनी
गुप्त केविटी में रखकर ले जाई जा रही थी। इनके पास से 2 मोबाइल
और 3 सिमकार्ड भी मिले हैं। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी
कीमत लगभग सवा लाख रुपये प्रति किलो बताई जाती है।
एसटीएफ के इस अभियान के लीडर पुलिस उपाधीक्षक डॉ अरविंद
चतुर्वेदी ने बताया कि एसटीएफ लगभग दो वर्ष से नेपाल सहित
विभिन्न देशों से नेपाल और उत्तर प्रदेश के रास्तों से भारत के
विभिन्न राज्यों में चरस की तस्करी करने वाले गिरोहों का पीछा
करती आ रही है। अब तक इसके कई सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी
मात्रा में चरस बरामद की जा चुकी है। एसटीएफ के अभियानों के
दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर और नारकोटिक्स एवं राजस्व से
संबंधित विभागों के संपर्क और सहयोग से एसटीएफ को तस्करों के
गिरोह तक पहुंचने में यह सफलता मिली।
यह गिरोह नेपाल से बड़ी मात्रा में उत्तर प्रदेश में
चरस ला रहा था, जिसे बाद में ऊंचे दाम पर अन्य राज्यों में
बेचा जाना था। एसटीएफ टीम ने यूपी के थाना महराजपुर, जनपद
कानपुर नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर महिन्द्रा पिकअप नंबर
यूपी-३३ ए ८०७५ को घेरा और तलाशी लेने पर उसमें बनी कैविटी में
लगभग एक-एक किलोग्राम वजन के सौ पैकेट चरस बरामद हुई। डा
चतुर्वेदी ने बताया कि यह एक ऐसी टास्क थी जिसमें टीम के
विभिन्न स्थानों पर मौजूद सदस्यों के बीच एक साथ संपर्क
स्थापित किया गया था, जिसमें टीम के सदस्यों की सटीक सूचनाओं
पर यह सफलता हासिल हुई।
गाड़ी में मौजूद उसके मालिक संजय कुमार विश्वकर्मा ने
पूछताछ में एसटीएफ को बताया कि यशपाल यादव उसकी गाड़ी का
ड्राइवर है और सुद्धीलाल विश्वकर्मा रिश्तेदार है और उसके साथ
मिलकर चरस की तस्करी का काम करता है। संजय विश्वकर्मा ने बताया
कि उसके रिश्तेदार प्रेम कुमार उर्फ सतीश शर्मा से कानपुर की
एक वर्कशाप में इस गाड़ी में माल रखने की जगह (कैविटी) बनवायी
थी। तब वह यह गाड़ी लेकर पिछले हफ्ते काठमाण्डू गया था जहां से
उसमें यह चरस लदवायी गई थी। इस कार्य के लिए प्रेम कुमार ने
उसे २५ हजार रुपये और ड्राइवर को १० हजार रुपये देने का वादा
किया था। संजय ने आगे बताया कि प्रेम कुमार के संबंध उत्तर
प्रदेश तथा अन्य राज्यों में चरस के खरीदारों से हैं। यह चरस
हरियाणा में प्रेम कुमार के किसी सम्पर्की के पास भी ले जानी
थी।
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