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फरीदाबाद में ताबड़तोड़ अपराध
फरीदाबाद। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जिले भर में लगे
पुलिस नाकों के बाद भी पुलिस एक के बाद एक शहर में हो रही
वारदात को रोकने में पूरी तरह नाकामयाब दिखाई दे रही है। पिछले
एक महीने के ही ग्राफ और पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह
लगा है। जिला पुलिस इस एक महीने में सबसे अधिक ध्यान केवल शहर
के शराबियों, जुआरियों और वाहन चालकों के खिलाफ एक अभियान
चलाकर घरपकड़ में लगी रही। गंभीर अपराधों की रोकथाम से वह नज़र
चुराती रही या उनपर लीपापोती करती रही।
फरीदाबाद शहर में एक माह में हुई वारदातों पर नज़र डालें
तो सबसे पहले 4 अगस्त को लुटेरों ने पाली स्थित
क्रेशर जोन में
क्रेशर कंपनी के मुंशी से 32 हजार रुपये लूट लिया। इसी वारदात
के मात्र तीन दिन बाद ही 7 अगस्त को सेक्टर नौ निवासी अनिल
सहगल के घर कोरियर ब्वाय बनकर आए बदमाशों ने जमकर लूट-पाट की,
हालॉकि पुलिस ने इस वारदात को जैसे-तैसे सुलझा लिया।
इन दोनों वारदात के दो दिन के अन्दर ही कुछ हथियार बन्द
बदमाशों ने मोहब्बताबाद
क्रेशर जोन स्थित शराब के ठेके पर
कार्य करने वाले सेल्समैन की मात्र 22 हजार रूपये के लिए हत्या
कर दी। इसी क्रम में 22 अगस्त की रात बदमाशों ने अवकाश पर घर
आए एक फौजी से दो कैमरों के साथ 11 हजार रूपये लूट लिए। फौजी
पावटा का रहने वाला बिजेन्द्र सिंह बताया जाता है।
इस वारदात को पांच दिन भी नहीं व्यतीत हुए थे, कि 28
अगस्त की रात बदमाशों ने ऐसा कहर बरपाया कि एक ही रात में तीन
स्थानों पर वे खुले रूप से डकैती एवं लूटपाट करते रहे। इस
वारदात में बदमाशों ने सबसे पहले गांव नवादा कोह में अशोक
भड़ाना के घर को अपना शिकार बनाया। इसमें वह घायल भी हो गया
था। अशोक भड़ाना कांग्रेस विधायक महेन्द्र प्रताप का भतीजा
बताया जाता है इस लूटपाट से जन सामान्य में दहशत छा गई।
बदमाशों में पुलिस से किसी प्रकार का भय देखने को नही मिला।
इसी के बाद बदमाश सैनिक कॉलोनी में पहुंच गए जहां
उन्होंने एनआर चौधरी व महेंद्र शर्मा के घर में लाखों रूपए के
जेवरात व नकदी की डकैती डाली। अभी पुलिस इन वारादातों को
सुलझाने में लगी थी, कि 30 अगस्त की रात बल्लभगढ़ राष्ट्रीय
राजमार्ग पर अमेरिकी छात्रा साराह व उसके साथियों से कार सहित
लाखों रूपए का सामान लूट लिया गया। इस मामले में पुलिस ने
सक्रियता दिखाई और मामले को सुलझा लिया।
लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि नवादा गांव व सैनिक
कालोनी में बदमाशों ने जिस फार्मूले से डकैती व लूटपाट की थी,
उसी तरीके से सूरजकुंड के दयालगाब में 6 सितम्बर को बदमाशों ने
नवीन वाजपेयी के घर वारदात की। इस वारदात में बदमाशों ने लगभग
छह लाख रूपए के साथ जेवरातों पर भी अपना हाथ साफ कर दिया।
बदमाशों के हौसले ज्यादा बुलन्द दिखाई दिए और इसी के दो
दिन बाद 8 सितम्बर को बदमाशों ने दिन दहाड़े सेक्टर आठ में
रहने वाले जितेन्द्र से गोली मार कर उसकी मोटरसाईकिल लूट ली।
इस वारदात में दोनों के बीच जमकर संघर्ष हुआ,लेकिन बदमाशों के
सामने जितेन्द्र की एक ना चली। इस युवक का चाचा एएसआई सूबे
सिंह डीएसपी फरीदाबाद रामकुमार के पास बैतोर रीडर तैनात है।
जिला पुलिस को जब कहीं कुछ हाथ नहीं लगा तो सैक्टर -9
में प्रोपर्टी डीलर के यहां कोरियर ब्वाय बन कर आए दोनों
युवकों का स्कैच जारी कर दिया गया। इस लूट-पाट में शामिल दोनों
बदमाशों के स्कैच प्रोपर्टी डीलर के बेटे व बेटी के शक्ल बताने
आधार पर बनाए गए हैं। ऐसी वारदातों के बाद भी पुलिस नहीं चेत
रही है।
ऐसे ही जुलाई माह में भी कई अपराधिक घटनाएं सामने आईं
जो घरेलू नौकरों ने अंजाम दीं। पुलिस में लिखाई गई रिपोर्ट के
अनुसार सेक्टर-10 डीएलएफ निवासी यशपाल आजाद के नौकर दंपति ने 8
जुलाई को उसकी पत्नी व सास को जहरीला पदार्थ खिलाकर लूटने का
प्रयास किया। सेक्टर-17 निवासी प्रेम सिंह का नौकर करण घर से
एक लाख रूपये ले कर फरार हो गया। जून माह में सेक्टर -21ए
निवासी दिलीप सेठ का नौकर मुकेश घर से लाखों रूपये के जेवरात
लेकर फरार हुआ तो एनएच एक डी ब्लाक निवासी कीमती लाल का नौकर
अक्षय घर से डेढ़ लाख रूपये व सोने का सेट ले कर फरार है।
पुलिस शहर में वाहन चालकों की जांच की बात कह कर अपराध
पर अंकुश लगाने का प्रयास करने की बात कह रही है। जिन वाहन
चालकों और शराबियों के साथ जुआरियों को पकड़ा जाता है तो
उन्हें चौकी-थाने ले जाकर छोड़ दिया जाता है। अपराधों पर अकुंश
लगाने की दृष्टि से बनाए गए पुलिस नाके या तो सामान्य वाहन
चालकों के लिए सिरदर्द बन रहे या फिर पुलिस के लिए प्रति माह
बंधी घूस का हिस्सा या फिर मात्र लोहे व कंपनियों के विज्ञापन
वाले शो पीस कर रह गए हैं ।
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