भारतीय रिज़र्व बैंक को भाया गुजरात
 

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अहमदाबाद। भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक को भाया गुजरातने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि औद्योगिक गतिविधियों के लिए गुजरात सर्वाधिक आकर्षक राज्य बनकर उभरा है। भारतीय रिजर्व बैंक की यह धारणा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के औद्योगिक विस्तार और उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण पैदा करने के कारण बनी है। इसीलिए नरेंद्र मोदी गुजरात के सीईओ के तौर पर भी देखे जाते हैं। उद्यमियों का कहना है कि यदि निवेश की मौजूदा रफ्तार बनी रही तो गुजरात देश का एक शानदार विकसित प्रदेश होगा।
गुजरात निवेश के लिए उद्यमी की मनपसंद राज्य के रूप में उभरा है। यहां के उद्योगों में देश के बैंक भी जमकर पैसा लगा रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि बैंकों का बाजार यहां पर काफी अनुकूल है। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर काफी ध्यान दे रहे हैं और वह उन व्यापार गोष्ठियों में प्राथमिकता पर जाते हैं जिनमें गुजरात में पूंजी निवेश की भावी संभावनाओं की चर्चा होती है। नरेंद्र मोदी गुजरात के औद्योगिक विस्तार के कारण अपने राज्य में करीब 40 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताते हैं। उनका कहना है कि राज्य में जो निवेश का वातावरण विकसित हुआ है उससे गुजरात को अग्रणी प्रदेश बनने का गौरव हासिल हुआ है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कुशल कामगारों को जुटाने की है ताकि निवेश की रफ्तार को कायम रखा जा सके। इसके लिए एक ब्लू प्रिंट भी सरकार ने तैयार किया है।
गुजरात सरकार इस बात से काफी उत्साहित है कि देश के बैंक पूंजी निवेश के मामले में सबसे ज्यादा गुजरात को पसंद करते हैं। रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है और कहा है कि गुजरात निर्यात के लिए सर्वाधिक पसंदीदा राज्य के रूप में सामने आया है। गुजरात सरकार की छवि के कारण एस्सार समूह 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। समूह के अध्यक्ष शशि रूईया का कहना है कि वे इस राज्य में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं और इस्पात एसईजेड, तेल, गैस और बिजली के क्षेत्र में आने वाले तीन वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना बना रहे हैं। एस्सार ऑयल लिमिटेड ने कुछ महीने पहले घोषणा की थी कि वह जामनगर के करीब स्थित वाडीनार रिफाइनरी की क्षमता को डेढ़ करोड़ टन से बढ़ाकर 3.4 करोड़ टन करेगी। इस विस्तार योजना पर करीब 24 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। रिफाइनरी पर अब तक 12 हजार करोड़ रुपये निवेश किया जा चुका है। एस्सार गुजरात में 1200 मेगावाट की बिजली परियोजना की स्थापना की योजना भी बना रहा है जिसमें करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा।
गुजरात 86 परियोजनाओं और 73,170 करोड़ रुपये के साथ प्रस्तावित निवेश के लिहाज से अव्वल है। कुल प्रस्तावित निवेश में गुजरात की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत है। वाइव्रेट गुजरात निवेश सम्मेलन 2007 में निवेशकों ने 4.51 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया था। ऐसे समय में जब दुनिया भारत को आकर्षक बाजार मान रही है। मोदी गुजरात में बनने वाली प्रत्येक वस्तु के लिए समूची दुनिया को एक बड़े बाजार के तौर पर देख रहे हैं। वे कहते हैं ‌कि हम ब्रांड गुजरात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के नकारात्मक व्यवहार का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि अगले एक दशक के दौरान गुजरात की सामाजिक आर्थिक विकास दर विशेष आर्थिक क्षेत्रों और डीएमआईसी के इर्द-गिर्द घूमेगी। उन्होंने कहा कि गुजरात के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लकर केंद्र का व्यवहार काफी बेरुखा है। उन्होंने कहा कि डीएमआईसी परियोजना के तहत सबसे पहले काम गुजरात में शुरू होगा। हम इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। गुजरात में तीन स्थानों पर डीएमआईसी के लिए काम शुरू हो सकेगा। इसके तहत कुल प्रस्ताव निवेश का 40 प्रतिशत आने की उम्मीद है।

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